उन्होंने कहा कि हिमाचल में भी चिट्टे के नशे से कई युवा बर्बाद हो रहे हैं। अगर इस पर काबू नहीं पाया गया तो यह हमारी युवा पीढ़ी को तबाह कर देगा। इसे रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने कड़े एवं प्रभावी कदम उठाने के साथ-साथ नशा विरोधी मुहिम को एक जन आंदोलन का रूप देने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में शिमला, धर्मशाला और हमीरपुर में चिट्टा विरोधी मैगा वॉकथॉन आयोजित की गई हैं। 26 दिसंबर को बिलासपुर में भी इसी तरह का बड़ा आयोजन किया जा रहा है।
नरेश ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं को नशे से बचाकर ही हम अपने देश एवं समाज का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं। इसके लिए सभी शिक्षक और अभिभावक बच्चों पर नजर रखें तथा कॅरियर को लेकर उन पर अनावश्यक दबाव न डालें। सभी बच्चे भी सकारात्मकता के साथ पढ़ाई करें तथा अपनी दिनचर्या में खेलों को अवश्य शामिल करें। इस अवसर पर नरेश ठाकुर ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलाई।