बैठक में बताया गया कि जिले के उपार्जन केंद्रों में धान की आमद लगातार बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में यदि समय पर उठाव नहीं हुआ तो व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राइस मिलर्स को तत्काल प्रभाव से धान उठाव तेज करने और सभी प्रक्रियाओं को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशासन ने बैठक के दौरान राइस मिलर्स की व्यावहारिक कठिनाइयों को भी गंभीरता से सुना। परिवहन, भंडारण और मीलिंग से जुड़ी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया गया। साथ ही खाद्य विभाग को निर्देश दिए गए कि वह परिवहन व्यवस्था और धान उठाव की सतत निगरानी करे, जिससे पूरी व्यवस्था निर्बाध रूप से चलती रहे।
बैठक में अनुपस्थित रहने वाले राइस मिलर्स को लेकर नाराजगी जताई गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बैठक में शामिल न होने वालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि, धान खरीद, उठाव और चावल जमा की पूरी प्रक्रिया तभी सफल होगी जब सभी संबंधित पक्ष आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभाएं। प्रशासन ने साफ संदेश दिया कि तय नियमों और निर्देशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित करना होगा।