बिलासपुर में पहली बार 100 से अधिक कलाकार देंगे बांस गीत की सामूहिक प्रस्तुति

बांस गीत गाथा अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ यादव ने बताया कि बांस गीत छत्तीसगढ़ की प्राचीन यादवी संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। बांस की पोली नली से बने वाद्य में फूंककर वादक स्वर निकालता है, जबकि साथी कलाकार ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चरित्रों को गीत के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं। कार्यक्रम में कलाकार वीर लोरिक पर आधारित प्रसंग को बांस वाद्य और समूह गायन के जरिए प्रस्तुत करेंगे।

जानकारी अनुसार, इस बार के आयोजन में बिलासपुर संभाग के अलावा कबीरधाम और बेमेतरा जिले के बांस गीत गायक और वादक शामिल होंगे। बड़ी संख्या में कलाकारों के एक साथ प्रस्तुति देने के कारण यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डिप्टी सीएम अरुण साव शामिल होंगे, जबकि अध्यक्षता पूर्व मेयर रामशरण यादव करेंगे। समाजसेवी पद्मश्री फूलबासन यादव विशिष्ट अतिथि होंगी। इसके अलावा एडिशनल एसपी हरीश यादव भी विशेष रूप से सम्मिलित होंगे।

समारोह में सिरगिट्टी, मस्तूरी, तखतपुर, रतनपुर, मंगला, सकरी, महमंद और बेलतरा की विभिन्न रावत नृत्य महोत्सव समितियों का सम्मान किया जाएगा। इसी के साथ सिलपहरी, भरनी, परसदा, खमतराई, बहतराई, बसिया रावत नृत्य दल और भोजली महोत्सव समिति तोरवा को भी सम्मानित किया जाएगा।

यह आयोजन छत्तीसगढ़ी कला, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।