अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि ई-मेल मिलते ही पुलिस, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को तत्काल अलर्ट कर दिया गया। दरगाह क्षेत्र से लेकर कलेक्ट्रेट परिसर तक चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी ली गई। हर संदिग्ध कोने की सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत जांच की गई, लेकिन कहीं भी कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
सुरक्षा कारणों के चलते कुछ समय के लिए दरगाह में जायरीनों का प्रवेश रोक दिया गया। मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग कर दी गई और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई। गौरतलब है कि ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर आने वाले दिनों में सालाना छह दिवसीय उर्स शुरू होने वाला है, जिसे लेकर पहले से ही पुलिस और जिला प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में जुटा हुआ है।
कलेक्ट्रेट कार्यालय में भी विशेष सतर्कता बरती गई। कर्मचारी, आगंतुक, पार्किंग और रिकॉर्ड रूम सहित पूरे परिसर की गहन जांच की गई। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने संयुक्त रूप से कई घंटों तक तलाशी अभियान चलाया। ई-मेल आने के बाद शहर की दोनों प्रमुख जगहों पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया, जिससे अजमेर में हड़कंप की स्थिति बन गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जांच के बाद धमकी भरा ई-मेल झूठा निकला है, लेकिन सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। साइबर टीम अब ई-मेल भेजने वाले की आईडी, सर्वर और लोकेशन की जांच कर रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी अजमेर रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी मिल चुकी है, जिसे बाद में अफवाह करार दिया गया था।