कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश ने आभासी माध्यम से किया। चाईबासा न्यायालय में नौ और चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में दो न्यायपीठों का गठन किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन के 1,26,655 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें बैंक से संबंधित 1,527 वाद और अन्य 1,25,128 मामले शामिल थे। इसके अलावा विभिन्न न्यायालयों में लंबित 3,287 मामलों का भी निष्पादन हुआ, जिनमें अपराधिक सुलहनीय 2,572 वाद, बिजली विभाग से 149, श्रम विभाग 4, मोटर दुर्घटना क्लेम 3, कुटुंब न्यायालय 15, एनआई एक्ट 10 और अन्य सिविल मामलों के 534 वाद शामिल थे।
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, राष्ट्रीय लोक अदालत प्रत्येक तीन माह में आयोजित की जाती है, ताकि लोग अपने सुलहनीय मामलों का समाधान करवा सकें।