निर्माण कार्य की शुरुआत के अवसर पर विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि यह परियोजना पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल में परिकल्पित की गई थी, जिसे उस समय “सिग्नेचर ब्रिज” के रूप में प्रस्तावित किया गया था। प्रशासनिक कारणों और विभागीय आपत्तियों के चलते यह योजना लंबे समय तक कागजों में ही अटकी रही। उन्होंने बताया कि लिट्टी चौक पुल का डीपीआर पहले ही तैयार कर लिया गया था और वर्ष 2024 में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री की ओर से शिलान्यास भी किया गया, लेकिन पथ निर्माण विभाग की ओर से पुल की लंबाई को लेकर आपत्ति जताए जाने से डिजाइन में बदलाव करना पड़ा, जिससे फाइल रांची स्थित मुख्यालय में लंबित हो गई।
विधायक ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया और सचिव स्तर पर लगातार संवाद के साथ कार्यपालक अभियंता दीपक सहाय से समन्वय कर अंततः परियोजना को स्वीकृति दिलाई। लगभग एक माह पूर्व निर्माण एजेंसी की ओर से मिट्टी जांच का कार्य भी शुरू कर दिया गया था।
इस परियोजना के तहत कुल चार किलोमीटर लंबे फोर लेन फ्लाईओवर और सड़क का निर्माण किया जाएगा। स्वर्णरेखा नदी के दोनों किनारों पर दो-दो किलोमीटर फोर लेन सड़क बनाई जाएगी। पूरी योजना पर करीब 49 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे 18 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
विधायक पूर्णिमा साहू ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व में ऑनलाइन शिलान्यास के बावजूद कार्य शुरू नहीं होना सरकार की उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने गोविंदपुर पुल सहित अन्य लंबित पुल परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। साथ ही स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि इस निर्माण कार्य से किसी भी बस्ती या घर को नुकसान नहीं पहुंचेगा और किसी का भी घर नहीं तोड़ा जाएगा।