सलगाझूरी रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेनों का ठहराव बंद होने के खिलाफ सांकेतिक धरना

धरनास्थल पर उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि सलगाझूरी क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी रेल सेवा पर निर्भर है। बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन कोलकाता सहित अन्य शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने के लिए लोकल ट्रेनों से आना-जाना करते हैं। ऐसे में लोकल ट्रेनों का ठहराव बंद किया जाना आम जनता, खासकर गरीब और मजदूर वर्ग के साथ अन्याय है।

वक्ताओं ने बताया कि करोड़ों रुपये की लागत से प्लेटफॉर्म का निर्माण किया गया है, लेकिन लोकल ट्रेनों के ठहराव के बिना इसका लाभ स्थानीय लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। धरने पर बैठे लोगों ने चेतावनी दी कि जब तक सलगाझूरी स्टेशन पर लोकल ट्रेनों का ठहराव बहाल नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि लोकल ट्रेनों का ठहराव शुरू होने से विद्यार्थियों, कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों को सुविधा मिलेगी और क्षेत्र का समग्र विकास होगा।

इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रमेश हांसदा ने रेलवे प्रशासन से डीआरएम स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि रेलवे को स्थानीय परिस्थितियों को समझते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। यहां से बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह-शाम जमशेदपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने जाते हैं, लेकिन लोकल ट्रेनों का ठहराव बंद होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

धरने के माध्यम से संयुक्त ग्राम समन्वय समिति ने रेलवे प्रशासन से शीघ्र निर्णय लेने और स्थानीय जनता की मांगों को पूरा करते हुए सलगाझूरी स्टेशन पर लोकल ट्रेनों का ठहराव तत्काल बहाल करने की अपील की।————-