सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए

उच्चतम न्यायालय ने दस साल पुराने और पन्द्रह साल पुराने पेट्रोल वाहनों को लेकर अपने पुराने आदेश में संशोधन किया है। न्यायालय ने अपने नये आदेश में कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में केवल बीएस-4 और नये वाहनों को ही छूट मिलेगी। न्यायालय ने कहा कि दिल्ली, उप्र, राजस्थान और हरियाणा को मिलकर पूरे एनसीआर के लिए एक साझा निकाय के गठन का प्रयास करना जाना चाहिए, ताकि प्रदूषण से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली की सीमाओं पर यातायात सुगम बनाने के लिए नौ टोल प्लाजा को शिफ्ट करने या अस्थायी रुप से बंद करने पर विचार करने को कहा। न्यायालय ने दिल्ली नगर निगम को अपने नौ टोल प्लाजा को अस्थायी रुप से बंद करने के संबंध में एक हफ्ते में फैसला करने को कहा। उच्चतम न्यायालय ने ग्रैप लागू होने के बाद खाली बैठे निर्माण श्रमिकों का सत्यापन करने और उनके खातों में पैसे ट्रांसफर करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वो खाली बैठे निर्माण श्रमिकों को वैकल्पिक काम उपलब्ध कराने पर विचार करे। न्यायालय ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि निर्माण श्रमिकों के खाते में ट्रांसफर की गई धनराशि किसी दूसरे के खाते में पहुंच जाए।

उच्चतम न्यायालय ने साफ किया कि ग्रैप के तहत स्कूलों को बंद करने या नहीं बंद करने पर फैसला विशेषज्ञों पर छोड़ना होगा, कोर्ट पर नहीं। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अगर हाइब्रिड व्यवस्था की अनुमति दी जाती है तो जहां दोनों माता-पिता कामकाजी हैं वे अपने बच्चों को स्कूल भेजेंगे। इस फैसले को विशेषज्ञों पर छोड़ना होगा। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वायु प्रदूषण में खतरनाक बढ़ोतरी हर साल सामने आती है। न्यायालय ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को निर्देश दिया कि वो वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपायों पर दोबारा विचार करे। न्यायालय ने एनसीआर के शहरों के प्रशासन से कहा कि वे किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए प्रोत्साहन राशि देने जैसे मुद्दों पर विचार करें।