निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रत्येक इकाई संचालक से विभागीय सुविधाओं की उपलब्धता, आवश्यकताओं एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने इकाइयों के उत्पादों, उपयोग में लाई जाने वाली कच्ची सामग्री, उत्पादन क्षमता तथा मार्केटिंग प्रणाली पर विस्तार से चर्चा की। कलेक्टर गुप्ता ने ऊर्जा लागत में कमी एवं उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से सभी इकाइयों को सोलर यूनिट स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित किया। साथ ही औद्योगिक इकाइयों को भविष्य में विस्तार एवं नवाचार के लिए विभागीय योजनाओं का लाभ लेने की सलाह दी।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्रशासन हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा, जिससे नई रोजगार संभावनाएँ भी सृजित होंगी।