कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सदस्य और कृषि स्थायी समिति के सभापति बद्री यादव ने जल संरक्षण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। परियोजना अधिकारी रॉबिंसन सुधीर कुजूर ने वाटरशेड महोत्सव की कार्यप्रणाली बताते हुए जल और मृदा के वैज्ञानिक उपयोग, वर्षा जल संचयन और ग्रामीण स्तर पर जल प्रबंधन की तकनीकों पर व्यापक जानकारी दी।
प्रभात फेरी और श्रमदान से दिया संदेश
महोत्सव के अंतर्गत स्कूली छात्र-छात्राओं ने जल बचाओ मिट्टी बचाओ का संदेश देते हुए प्रभात फेरी निकाली। इसके साथ ही अमृत सरोवर और सिंचाई नालियों की सफाई में सामूहिक श्रमदान किया गया, ताकि गांव के जल स्रोतों को स्वच्छ और उपयोगी बनाया जा सके।
करमा नृत्य और रंगोली प्रतियोगिता ने बढ़ाई रौनक
स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने हेतु करमा नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इसके अलावा छात्रों के लिए जल संरक्षण विषय पर रंगोली प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें बच्चों ने रचनात्मकता के माध्यम से जल बचाने का संदेश दिया।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति
कार्यक्रम में जनपद सदस्य सूरजमुनिया उइके, वाटरशेड समिति के अध्यक्ष उदय भान मरकाम, विभिन्न जनप्रतिनिधि, वाटरशेड परियोजना के अधिकारी-कर्मचारी, ग्रामीण और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल रहे। देवीगंज में आयोजित यह वाटरशेड महोत्सव न केवल जागरूकता कार्यक्रम रहा, बल्कि सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।