विश्व प्रसिद्ध पीताम्बरा सिद्धपीठ पर पंडितों ने हवन अनुष्ठान बंद किए, एसडीएम को हटाने की मांग

उन्हें अपमानजनक शब्दों से संबोधित करते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि एसडीएम खुद को

मुख्यमंत्री मोहन यादव का रिश्तेदार बताकर दबाव बनाते हैं। वही पंडित योगेश शर्मा के

अनुसार, मंदिर में लगभग 200 पंडित पिछले 25 वर्षों से नियमित रूप से हवन-अनुष्ठान कर

रहे थे। उन्हें अचानक हटा दिया गया और अस्थायी रसीद व्यवस्था लागू कर दी गई, जिससे

उनकी आजीविका पर संकट आ गया है। आक्रोशित पंडितों ने मंदिर परिसर में एसडीएम के खिलाफ

नारेबाजी की।

उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकाल के लिए हवन-अनुष्ठान

बंद करने की घोषणा भी की। मामले की सूचना मिलने पर नलखेड़ा तहसीलदार प्रियंक श्रीवास्तव

और थाना प्रभारी नागेश यादव मंदिर परिसर पहुंचे। वे पंडितों से चर्चा कर स्थिति को

शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल, प्रशासन और पंडितों के बीच बातचीत जारी है।