सीमा शुल्क चोरी के आरोपी को जमानत नहीं

जयपुर, 19 जनवरी । राजस्थान हाईकोर्ट ने 414 करोड रुपए के माल की सप्लाई के लिए फर्जी फर्म के बिल जारी कर सीमा शुल्क चोरी के आरोपी सुरेंद्र माली को जमानत पर रिहा करने से इनकार कर दिया है। जस्टिस वीके भारवानी की एकलपीठ ने यह आदेश आरोपी की जमानत याचिका को खारिज करते हुए दिए। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी को विभाग ने जनवरी, 2022 से मार्च, 2024 तक 21 बार समन भेजे, लेकिन आरोपी पूछताछ के लिए पेश नहीं हुआ। इसके अलावा प्रकरण में अभी अनुसंधान लंबित है। ऐसे में आरोपी को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता है।

जमानत याचिका में कहा गया कि वह गत एक अगस्त से न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा है। विभाग ने उसके बयान दबाव में लिए हैं और अभियोजन पक्ष के पास उसके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। वहीं उसके खिलाफ संबंधित न्यायालय में आरोप भी पेश हो चुका है। इसके अलावा प्रकरण पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के आधार पर है और गवाह कस्टम अधिकारी हैं। ऐसे में उसकी ओर से साक्ष्य से छेडछाड और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका भी नहीं है। इसलिए उसे जमानत पर रिहा किया जाए। जिसका विरोध करते हुए विभाग की ओर से अधिवक्ता किंशुक जैन ने कहा कि आरोपी ने अन्य लोगों से मिलीभगत कर अस्तित्वहीन फर्म के नाम से करोडों रुपए के सर्टिफिकेट जारी करते हुए भारी भरकम राशि देश के बाहर की अवैध फर्मो को भेजी और इसके एवज में सोने और डायमंड सहित अन्य मूल्यवान वस्तुओं का अवैध रूप से आयात किया। ऐसे में उसे जमानत नहीं दी जाए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया।