शिमला में वन्य पक्षी का शिकार, पांच आरोपी पकड़े

शिमला, 26 जनवरी । शिमला जिले के झाखड़ी थाना क्षेत्र में वन्य जीव संरक्षण कानून का मामला सामने आया है। यह मामला रविवार रात का है, जब गांव गौनपानी के स्थानीय ग्रामीणों दीपु कारशेट और राजेंद्र कारशेट ने वन विभाग को सूचना दी कि गाटूला नामक स्थान पर रात के समय रोशनी दिखाई दे रही है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे।

मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि कुछ लोग जंगली कालिज तीतर पक्षी के पंख जला रहे थे। जांच के दौरान वहां से कालिज तीतर के अवशेष बरामद किए गए। इसके साथ ही दो गुलेल भी मौके से मिलीं, जिनका इस्तेमाल शिकार के लिए किया गया बताया जा रहा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नेपाली मूल के दीपक चंद पुत्र नारू चंद (30 वर्ष), महेंद्र पुत्र बहादुर शाही (24 वर्ष), लोकेश पुत्र बलवा राम (23 वर्ष), विक्रम पुत्र नारू चंद (25 वर्ष) और कृष्णा पुत्र बहादुर शाही (22 वर्ष) के रूप में हुई है।

वन विभाग ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को सूचित किया। इसके बाद वन विभाग के बीओ फांचा विजय सिंह की लिखित शिकायत पर पुलिस थाना झाखड़ी में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 51 के तहत मामला दर्ज किया गया और कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।