जयपुर, 17 जनवरी । जिला उपभोक्ता आयोग क्रम-2 ने वारंटी पीरियड में खराब हुई फ्रिज की बार-बार शिकायत करने के बावजूद उसे नहीं बदलने को दुकानदार का सेवा दोष माना है। इसके साथ ही अदालत ने विक्रेता ग्रेट ईस्टर्न पर 55 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। वहीं खरीदे गए फ्रिज की कीमत 31500 रुपये भी लौटाने को कहा है। आयोग अध्यक्ष जीएल मीना और सदस्य अजय कुमार व सुप्रिया अग्रवाल ने यह आदेश अरविंद चोपड़ा के परिवाद पर सुनवाई करते हुए दिए।
परिवाद में अधिवक्ता उमेश सारस्वत ने आयोग को बताया कि परिवादी ने विपक्षी विक्रेता से जुलाई, 2022 में 31 हजार पांच सौ रुपये अदा कर फ्रिज खरीदा था। जिस पर दस साल की वारंटी दी गई थी। फ्रिज की डिलीवरी होने पर परिवादी ने विक्रेता को आपत्ति दर्ज कराई कि उसे तय फ्रीज डिलीवर नहीं किया गया है। वहीं पन्द्रह दिन बाद ही फ्रिज ने कूलिंग करना बंद कर दिया। इसकी शिकायत करने पर विपक्षी के इंजीनियर ने आकर उसे सही किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद फ्रिज के निचले हिस्से में पानी भर गया। परिवादी ने इसे मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट बताकर बदलने की गुहार की, लेकिन विक्रेता ने न तो फ्रिज बदला और ना ही उसे ठीक किया। ऐसे में विक्रेता का यह कृत्य अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस की श्रेणी में आता है। इसलिए उसे हर्जाना दिलाया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए आयोग ने विक्रेता पर हर्जाना लगाते हुए फ्रिज की कीमत लौटाने को कहा है।