सूर्य रथ सप्तमी पर 557 योग साधकों ने एक साथ लगाए 108 सूर्य नमस्कार

जयपुर, 25 जनवरी । सृष्टि के चरम ऊर्जा स्रोत भगवान सूर्यनारायण की आराधना के पावन पर्व सूर्य रथ सप्तमी के अवसर पर क्रीड़ा भारती द्वारा आयुष विभाग के सहयोग से अल्बर्ट हॉल म्यूजियम रामनिवास बाग के सामने 108 सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में 557 योग साधकों ने एक साथ लगातार 108 सूर्य नमस्कार किए।

कार्यक्रम में कुल सहभागिता 750 प्रतिभागियों की रही। इसके साथ ही सैनिक छावनी जयपुर से सूबेदार राजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में 100 सैनिकों ने भी सहभागिता कर कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।

कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए क्रीड़ा भारती के क्षेत्र संयोजक मेघसिंह चौहान ने बताया कि 108 सूर्य नमस्कार और 5 किलोमीटर दौड़ पर किए गए तुलनात्मक अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है कि 108 सूर्य नमस्कार करने वाले व्यक्ति के शरीर में ऑक्सीजन लेवल, पांच किमी दौड़ लगाने वाले व्यक्ति की तुलना में अधिक होता है।

उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार एक सरल, सुलभ और प्रभावी व्यायाम है, जिसके लिए किसी विशेष साधन या धन की आवश्यकता नहीं होती और इसे किसी भी स्थान पर दरी-पट्टी की सहायता से किया जा सकता है।

कार्यक्रम में उपस्थित खेल एवं युवा मामलों के कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि हमें एक ही शरीर और एक ही जीवन मिला है, ऐसे में हमें जागरूक और संतुलित जीवन शैली अपनानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि योग हमें अंदर और बाहर दोनों रूपों में ऊर्जा प्रदान करता है, जबकि सूर्य नमस्कार एक प्रभावी योग अभ्यास है। प्रातःकाल सूर्य नमस्कार से जागरूक (कांशस) जीवन की शुरुआत संभव है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक प्रमुख श्रीवर्धन ने कहा कि जीवन का उद्देश्य आत्मा का परमात्मा से मिलन होना चाहिए और भगवान सूर्यदेव की उपासना प्रतिदिन की जा सकती है।

उन्होंने सभी से प्रतिदिन कम से कम 25 सूर्य नमस्कार करने का आह्वान करते हुए कहा कि सूर्य उपासना से जीवन में चैतन्यता आती है।

उन्होंने भारतीय दर्शन की आत्मा की अमरता और पुनर्जन्म की अवधारणा पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि पुनर्जन्म कर्मों का परिणाम है और सत्कर्म ही आत्मा के साथ रहते हैं।

अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वे 1989 से नियमित रूप से सूर्य नमस्कार और योग कर रहे हैं और उस समय वे प्रतिदिन 200 सूर्य नमस्कार किया करते थे, जिसके कारण 1989 के बाद उन्हें कभी बुखार नहीं आया।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा 28 एवं 29 जनवरी को राजस्थान विश्वविद्यालय के खेल मैदान में आयोजित होने वाली मातृ शक्ति कबड्डी स्पर्धा के पोस्टर का भी विमोचन किया गया।

कार्यक्रम में क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं ओलंपियन धावक गोपाल सैनी, प्रदेश अध्यक्ष शरद मिश्रा, प्रांत अध्यक्ष डॉ. जी.एल. शर्मा, पतंजलि के कुलभूषण बैराठी, आयुर्वेद विभाग जयपुर संभाग के अतिरिक्त निदेशक बत्तीलाल, उपनिदेशक जयपुर जोन सत्यनारायण शर्मा, आयुष विभाग के नोडल प्रभारी डॉ. लक्ष्मण सैनी, सह नोडल प्रभारी मुदित शर्मा, राजस्थान विश्वविद्यालय से योग विषय प्रमुख रमाकांत, योगस्थली से उमेश शर्मा, योगाचार्य राजेश सहनी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

अंत में क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल सैनी ने सभी योग साधकों, कार्यकर्ताओं, मीडियाकर्मियों, पुलिस प्रशासन एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार जताया।