जोधपुर, 23 जनवरी । जयपुर में 24 जनवरी से शुरू हो रही दो दिवसीय राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में जोधपुर की विस्थापित कॉलोनियों से निकले 20 बच्चे भागीदारी करेंगे। यह प्रतियोगिता जयपुर स्थित ज्ञान विहार स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेल कराटे नेशनल स्कूल गेम्स के प्रतिष्ठित बैनर तले आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर से हर वर्ष एक हजार से अधिक बच्चे हिस्सा लेते हैं।
इन सभी बच्चों का प्रशिक्षण सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन द्वारा संचालित नि:शुल्क मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षण केंद्र में दिया जा रहा है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों में 10 बालिकाएं और 10 बालक शामिल हैं। इनमें से अधिकांश बच्चे पाकिस्तान से भारत आए आदिवासी शरणार्थी परिवारों तथा जोधपुर की झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में रहने वाले प्रवासी समुदायों से संबंधित हैं। सभी बच्चे 23 जनवरी को ट्रेन से जयपुर के लिए रवाना हुए। प्रतियोगिता में भागीदारी प्रशिक्षण, प्रवेश शुल्क, यात्रा, आवास, पोषण एवं मेंटरिंग से जुड़ा समस्त खर्च फाउंडेशन द्वारा वहन किया जा रहा है।
फाउंडेशन के संस्थापक संजीव नेवर जो स्वयं मार्शल आर्ट्स के विशेषज्ञ हैं ने बताया कि विस्थापन, भय और टूटे सपनों के बीच जीवन शुरू करने वाले बच्चों के लिए खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और राष्ट्रीयता से जुड़ाव का सशक्त माध्यम है। इसी सोच के साथ बच्चों को नि:शुल्क मार्शल आर्ट्स शिक्षा प्रदान की जा रही है।
केंद्र के संचालक एवं प्रशिक्षक भारत पन्नू, जो कराटे में चौथी डैन ब्लैक बेल्ट धारक हैं, ने कहा कि हाशिए पर जीवन जी रहे बच्चों में खेल के माध्यम से आत्मविश्वास विकसित करना उनके लिए गर्व की बात है। उल्लेखनीय है कि डाली बाई सर्किल स्थित यह प्रशिक्षण केंद्र पिछले दो वर्षों से लगातार विस्थापित बच्चों को नि:शुल्क मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षण दे रहा है।
केंद्र का उद्देश्य बच्चों में अनुशासन, मानसिक संतुलन, शारीरिक क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक आत्मविश्वास विकसित करना है। इस केंद्र के बच्चे अब तक तीन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं और कई स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। इनमें अजनी भील, प्रकाश भील और चांदनी भील जैसे प्रतिभाशाली बच्चे शामिल हैं, जो भविष्य में भारतीय सेना में सेवा करने का सपना देखते हैं।