आज गणतंत्र दिवस पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग की झांकी में दिखेगा मध्यप्रदेश का विजन 2047

भोपाल, 26 जनवरी । गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर राजधानी के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले भव्य समारोह में आज सोमवार को इस वर्ष मध्य प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की एक सशक्त और प्रेरणादायी झलक देखने को मिलेगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्रस्तुत की जा रही झांकी के माध्यम से प्रदेश का विजन 2047 आमजन के समक्ष साकार रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

यह झांकी शहरी विकास की वर्तमान उपलब्धियों को दर्शाने के साथ आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को एक विकसित, आधुनिक और सुव्यवस्थित राज्य के रूप में स्थापित करने की स्पष्ट दिशा भी बताएगी। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष की झांकी विशेष रूप से प्रदेश के शहरी विकास की आधुनिक सोच, नवाचार और अधोसंरचना पर केंद्रित होगी। झांकी में भविष्य के शहरों की परिकल्पना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जहाँ तकनीक, पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं का संतुलित समन्वय दिखाई देगा।

उन्‍होंने बताया कि झांकी में हाईटेक हाईराइज इमारतों के माध्यम से बढ़ती शहरी आबादी के लिए सुनियोजित आवासीय समाधान को दर्शाया जाएगा। इसके साथ ही शहरों में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए निर्मित और प्रस्तावित आधुनिक फ्लाईओवर, एलिवेटेड कॉरिडोर और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम की झलक भी दिखाई देगी। छोटे शहरों और उभरते नगरीय क्षेत्रों के लिए मेट्रो विस्तार की अवधारणा को शामिल कर यह संदेश दिया जाएगा कि विकास केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक शहर तक समान रूप से पहुँचेगा।

इसके अलावा स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के अंतर्गत विकसित हो रही बहुमंजिला इमारतें, आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल कल्चर और हाईटेक मल्टीलेवल पार्किंग व्यवस्था भी झांकी का प्रमुख आकर्षण होंगी। इन सभी तत्वों के माध्यम से यह दर्शाया जाएगा कि मध्यप्रदेश के शहर भविष्य में किस प्रकार सुविधाजनक, सुरक्षित और नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप होंगे।

आयुक्त भोंडवे का कहना यह भी रहा कि शहरी विकास के साथ-साथ नागरिकों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से झांकी में आमजन को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए स्थापित किए जा रहे आधुनिक जल शोधन संयंत्रों (फिल्टर प्लांट्स) की झलक भी शामिल की गई है। यह पहल स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में प्रदेश की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

यह झांकी वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को एक विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने के संकल्प को सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगी। इसमें हरित विकास, स्मार्ट अधोसंरचना, तकनीक आधारित सेवाएँ और नागरिक-केंद्रित योजनाओं का समग्र चित्रण होगा। झांकी के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि नगरीय विकास केवल इमारतों और सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेहतर जीवन, अवसरों की उपलब्धता और सतत विकास की सोच से जुड़ा हुआ है।