भूपेश यादव के अनुसार लगभग 16.04 करोड़ की लागत से होने वाले पुनर्विकास कार्यों में उपरोक्त कार्यो के अलावा सौंदर्य वर्धन के लिए एलइडी लाइटिंग, तथा दीवारों पर आर्टवर्क भी किया जायेगा। स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार अत्यन्त आकर्षक बनाया जायेगा ,जिसकी छत पर स्थानीय कला एवं संस्कृति का समन्वय करते हुए कलाकारों द्वारा आकर्षक पेंटिंग की जायेगी । इन सभी सुविधाओं का दिव्यांगजनों तक पहुंच बनाने के लिए उपयुक्त साइनेज भी लगाया जायेगा । इसके अलावा यात्री सूचना प्रणाली में सुधार हेतु के कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड, मल्टीलाइन डिस्पले बोर्ड्स, सिंगल लाइन डिस्प्ले बोर्ड, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, बड़े एलइडी स्क्रीन्स तथा जीपीएस आधारित डिजिटल क्लॉक भी लगाया जाएगा। स्टेशन पर छह मीटर चौड़ा पैदल पुल भी बनाया जाएगा जिसकी अनुमानित लागत लगभग 3.38 करोड़ रुपये है।
स्टेशन की प्रकाश व्यवस्था, सुगम,निर्बाध एवं निरंतर तकनीकी रेल कार्यों के संचालन हेतु हरित ऊर्जा उत्पादन सोलर ऊर्जा प्लांट भी स्थापित किया जायेगा ।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस स्टेशन के पुनर्विकसित होने से यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, आवागमन सुगम होगा एवं व्यापारी वर्ग भी लाभान्वित होगा। स्टेशन के पुनर्विकास से स्थानीय कारीगर एवं मजदूरों को रोजगार मिलेगा जिससे उनकी आय बढ़ेगी ।
स्टेशन के पुनर्विकसित होने से पर्यटन,स्थानीय हस्तशिल्प कला आदि को बढ़ावा मिलेगा जिससे क्षेत्र की लोकप्रियता बढ़ेगी एवं साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इस प्रकार स्टेशन के पुनर्विकास से क्षेत्र का आर्थिक और सामाजिक विकास भी होगा।
उल्लेखनीय है कि बीकानेर रेल मंडल पर 22 स्टेशनों का पुनर्विकास एवं बीकानेर स्टेशन का मेजर अपग्रेडेशन हो रहा है।