वोट और नोट देने के बाद भी व्यापारी मानसिक-आर्थिक रूप से परेशान : अनूप शुक्ला

कानपुर, 27 जनवरी । देश और प्रदेश में जीएसटी के रूप में सबसे ज्यादा टैक्स व्यापारी ही भरता है, जिसके बदले सुविधा के रूप में उसे कुछ भी नहीं मिलता है। वोट और नोट देने के बाद भी व्यापारी वर्ग मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान ही रहता है। यह बातें मंगलवार को प्रतिनिधि उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप शुक्ल ने कही।

अनूप शुक्ला ने कहा कि वर्तमान समय में व्यापारी सबसे अधिक परेशान ई-कॉमर्स कंपनियों और कुछ अधिकारियों की मनमानी कार्रवाइयों से हैं। उन्होंने बताया कि कई जगह व्यापारी उत्पीड़न की घटनाएं सामने आईं हैं। जिनमें अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आई है। इस संदर्भ में व्यापारियों के हितों की रक्षा और उनके समक्ष आने वाली समस्याओं का समाधान करना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने आगे कहा कि इस दिशा में 29 जनवरी को कानपुर के मर्चेंट चेंबर हाल में एक व्यापारी महासम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस महासम्मेलन में प्रदेश भर के व्यापारी नेता भाग लेंगे और व्यापारियों के उत्पीड़न, राजनीति में भागीदारी, ई-कॉमर्स कंपनियों से उत्पन्न समस्याओं और अन्य महत्वपूर्ण मांगों को सामने रखेंगे। महासम्मेलन में तय मांगों का मांग पत्र उत्तर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा, साथ ही एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मिलकर व्यापारियों की मांगों से उन्हें अवगत कराएगा।

अनूप शुक्ला ने व्यापारिक समुदाय से अपील की कि वह इस महासम्मेलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने हक के लिए एकजुट हों। उन्होंने कहा कि केवल संगठन और समुदाय की एकजुटता ही व्यापारियों को उनके अधिकार दिला सकती है।