देहरादून, 30 जनवरी । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के सपनों को साकार करने में प्रगति पोर्टल की अहम भूमिका निभा रहा है। उत्तराखंड में कुल 3.50 लाख करोड़ रुपये के 42 प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से 10 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। शेष परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है और लगभग 96 प्रतिशत निवेश वर्तमान में कार्यान्वयन चरण में है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को अपने कैंप कार्यालय में केन्द्र सरकार के प्रगति पोर्टल विषय पर पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की ओर से आयोजित पत्रकार वार्ता में अपनी बात रख रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद से देश में बुनियादी ढांचा, परिवहन, रेलवे, आईटी, स्वास्थ्य सेवा और हवाई सेवा की योजनाएं तेजी से आगे बढ़ी हैं। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश और देश के विकास में उल्लेखनीय सुधार और लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हिमालयी क्षेत्र में रणनीतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए राज्य राष्ट्रीय कनेक्टिविटी, नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे विस्तार और विमानन अवसंरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में 42 परियोजनाओं में से 10 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिनका कुल निवेश लगभग एक लाख करोड़ रुपये है। शेष 32 परियोजनाएं निर्माण और कार्यान्वयन चरण में हैं, जिनमें लगभग 3.37 लाख करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। इन 32 परियोजनाओं में से 12 परियोजनाओं (1,13,790 करोड़ रुपये) की प्रगति प्रणाली (प्रगति) पोर्टल के तहत निगरानी की जा रही है। वहीं, उच्च-मूल्य की 15 परियोजनाओं (1.22 लाख करोड़ रुपये) को राष्ट्रीय महत्व की बुनियादी ढांचागत परिसंपत्तियों से जोड़ा गया है और ये प्रगति प्रणाली के अंतर्गत निगरानी में हैं।
इनमें सड़क और राजमार्ग की 19 परियोजनाएं, आईटी/आईटीईएस की तीन, ऊर्जा उत्पादन की तीन और रेलवे की दाे परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, कृषि, उद्योग-वाणिज्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, अपशिष्ट और जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक-एक परियोजना शामिल है।
इन परियोजनाओं से राज्य में सड़क संपर्क, ऊर्जा आपूर्ति और विमानन पहुंच में सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में चार धाम सड़क परियोजना और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन सहित बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन का काफी हिस्सा पूरा हो चुका है और परियोजना के पूरा होते ही यह क्षेत्र पर्यटन और चार धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण बन जाएगा। साथ ही, मानसून काल में अवरुद्ध होने वाले रास्तों से लोगों का सफर आसान होगा।
मुख्यमंत्री धामी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से ऋषिकेश, हरिद्वार, मसूरी, धनोल्टी और देहरादून आने वाले देश-विदेश के पर्यटक लाभान्वित होंगे। उन्होंने जल विद्युत परियोजनाओं पर भी काम की जानकारी दी, जो राज्य की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण हैं और जिनकी प्रगति प्रतिदिन भारत सरकार के प्रगति पोर्टल पर निगरानी में है।
भागीरथी इको-सेंसिटिव ज़ोन से जल विद्युत परियोजनाओं में आ रही चुनौतियों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार इन समस्याओं को दूर करने में सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण और आर्थिक प्रगति को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को ‘पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) 2025-26’ के तहत 734 करोड़ की अतिरिक्त वित्तीय सहायता और शहरी क्षेत्रों में भूमि सुधार के लिए 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
चालू वित्तीय वर्ष में एसएएससीआई योजना के तहत उत्तराखंड को दी गई कुल सहायता अब 1,806.49 करोड़ हो गई है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह वित्तीय सहायता राज्य के बुनियादी ढांचे और ‘विकसित उत्तराखंड’ विजन को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने राज्य में यातायात सुधार और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए एलिवेटेड रोड परियोजनाओं पर काम तेजी से किया जा रहा है। सड़कें, शहरों और व्यस्त मार्गों पर यातायात सुगम बनाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन की जा रही हैं। जिससे बाहरी यात्री,पर्यटक आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। निर्माणाधीन परियोजनाओं के माध्यम से सड़क जाम को कम करना,यात्रा समय घटाना और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना सरकार मुख्य उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सतत निगरानी और प्रगति समीक्षा के माध्यम से राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरी हों, जिससे स्थायी विकास और बुनियादी ढांचे के सुधार को गति मिले।