बाराबंकी, 17 जनवरी । उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में तहसील रामनगर क्षेत्र की ऐतिहासिक भगहर झील की प्राकृतिक शोभा इन दिनों जलकुंभी के कारण बिगड़ती जा रही है। करीब सौ बीघे में फैली इस झील का बड़ा हिस्सा जलकुंभी से ढका हुआ है। इससे न केवल जल की स्वच्छता प्रभावित हो रही है, बल्कि पर्यटन की संभावनाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि झील के मात्र बारह एकड़ क्षेत्र को भी साफ कर दिया जाए तो स्वच्छ जल में पर्यटक नाव और स्टीमर का आनंद ले सकेंगे। इससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेशा। हालांकि वर्तमान स्थिति में जलकुंभी के घने फैलाव के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है। झील के सौंदर्यीकरण और पर्यटक सुविधाओं से जुड़े कई कार्य अधूरे पड़े हैं। स्थानीय लोग निराश हैं।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द जलकुंभी की सफाई कराई जाए और झील के विकास से जुड़े लंबित कार्य पूरे किए जाएं ताकि भगहर झील अपनी वास्तविक पहचान वापस पा सके और पर्यटन का केंद्र बन सके। इस समय यह वन विभाग के अधीन है जहां ठंडी में विदेशी पक्षी भी जल में कलरव करने आते हैं। जलकुंभी से उनका भी आना कम हो गया है। पानी न पाने से पक्षियों को भी निराशा होती है। रेंजर वन विभाग पी के सिंह का कहना है कि उनके विभाग के पास बजट नहीं है। जलकुंभी साफ करना बड़ा काम है। पूर्व में इससे खाद बनाने के लिए एन आर एल एम विभाग ने जिले के अधिकारियों से चर्चा की थी लेकिन फिर कुछ हो नहीं सका।