वाराणसी, 22 जनवरी(हि. स.)। मणिकर्णिका घाट स्थित सिद्ध पीठ श्री नरसिंह मठ में श्रीमद् भागवत कथा का सुदामा चरित्र की आकर्षक प्रस्तुति के साथ ही समापन हो गया। व्यास पीठ से व्याकरण वेदांताचार्य डॉक्टर अमर चैतन्य महाराज ने कहा कि माघ मास में थोड़े से पूर्ण करने पर विशेष फल मिलता है जहां वृद्धों का अनुभव और युवाओं की शक्ति होती है, वहां बड़ा से बड़ा कार्य आसानी से हो जाता है। तुम्हारे साथ कोई उपकार किया हो तो उसका कभी अपकार मत करना। सुदामा और श्रीकृष्ण के बीच जो प्रेम है, उसे समझना आसान नहीं है। यह जीवन का गुर रहस्य है। सुदामा का चरित्र आसान नहीं है। श्री कृष्णा को समझने के लिए तो कई जन्म लेने पड़ेंगे। कथा में ही वैदिक विद्यार्थियों तथा बच्चों ने सुदामा के चरित्र पर आकर्षक लीला की प्रस्तुति की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक चंद्र मोहन, बाबा मच्छोदरानाथ दुर्गोत्सव समिति के अध्यक्ष राजेश केसरी का सम्मान हुआ। कथा के समापन पर शिव प्रकाश गुप्ता, परशुराम उपाध्याय, कमल कुमार सिंह, दीपू जी सोनावाले, अरविंद अग्रवाल, किशन हरलालका, डॉक्टर राजवंश जायसवाल, संतोष शर्मा सहित स्थानीय श्रोतागण उपस्थित रहे।