हमारे लोगों के नमाज पढ़ने पर मुकदमा, दूसरे के लिए सभी कुछ माफ – अतहर जमाल

पूर्व प्रत्याशी अतहर जमाल लारी ने कहा कि अगर मस्जिद नमाजियों से भर जाए और बाहर नमाज पढ़ लें तो जुर्म मान लिया जाता है। सड़क पर, रेलवे प्लेटफार्म पर, ट्रेन में, किसी सुनसान जगह पर, किसी पार्क में, किसी मैदान में नमाज पढ़ लें तो जुर्म मान लिया जाता है, अब तो हम अपने घर में भी नमाज पढ़ते हैं तो वह भी जुर्म हो गया है।

पूर्व प्रत्याशी ने कहा कि संविधान क्या कहता है, फिर संविधान का मतलब क्या है। बड़े ही दुख के साथ कहना पड़ता है कि हमारी मजहबी आजादी क्यों छीनी जा रही है। क्या हमारे इन जगहों पर नमाज पढ़ लेने से किसी धारा का उल्लंघन होता है या शांति में बाधा पैदा होती है।