मंडी, 27 जनवरी । सेवा भारती हिमाचल आवासीय परिसर बाड़ी में वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया । इस आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि करनल एमके मड्याल, मुख्य वक्ता आरएसएस के उत्तर क्षेत्र प्रचारक प्रमुख बनवीर सिंह, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर अनुपमा सिंह ने शिरकत की। वार्षिक उत्सव में आए हुए सभी अतिथियों का छात्रावास की समिति ने शॉल टोपी पहनकर उनका स्वागत किया । वर्तमान की चुनौती केवल शिक्षा है ।
सेवा भारती द्वारा संचालित विवेकानंद आवासीय परिसर बाड़ी मंडी में आयोजित वार्षिक उत्सव में लोगों को व बच्चों को बौद्धिक प्रदान करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र प्रचारक प्रमुख बनवीर सिंह ने कहा कि गुणवत्ता वाली शिक्षा इतनी महंगी हो गई है कि अब आम आदमी को अपने बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो गया है। पहले शिक्षा मिलना मुश्किल था तथा अब शिक्षा मिल रही है मगर बहुत महंगी हो गई है । इस दिशा में गुरुकुल या सेवा भारती ने जो छात्रावास खोल रखे हैं, वह उन गरीब छात्रों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं जो महंगी शिक्षा ग्रहण नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि अपने धर्म संस्कृति का स्वाभिमान होना चाहिए तथा हिंदी भाषा जो पूरे विश्व को जोड़ती है में ज्यादा से ज्यादा काम होना चाहिए। हर देश की पहचान उसकी भाषा व संस्कृति से आकी जाती है। हमारे देश की मदर ऑफ टंग संस्कृत भाषा है तथा यह सभी भाषाओं की जननी है । उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतवासी को अपने हस्ताक्षर, नाम पट्टीका और अपने तमाम कार्यों सहित निमंत्रण पत्र भी हिंदी में भाषा में होना चाहिए, इससे स्वाभिमान जागृत होता है।
उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल एक साथ आजाद हुए मगर तकनीकी क्षेत्र व अन्य क्षेत्रों में इजराइल ने बहुत बड़ी तरक्की की है । आज इजराइल का पूरी दुनिया लोहा मान रही है। उन्होंने कहा कि विवेकानंद छात्रावास से सैकड़ो छात्र शिक्षा ग्रहण करके देश सेवा में लगे हुए हैं ।
वार्षिक उत्सव के मुख्य अतिथि करनल एमके मड्याल ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बनता जा रहा है तथा विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है। उन्होंने कहा कि हमारे नौजवानों में देशभक्ति का जज्बा होना चाहिए, जो मैं इस छात्रावास के बच्चों में देख रहा हूं। जब मुझे पता चला कि यहां से शिक्षा ग्रहण करने वाले युवा नौसेना में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं तो बहुत अच्छा लगा। भारत विश्व गुरु था, है और रहेगा।
विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर अनुपमा सिंह ने गुणवत्ता वाली शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि इस छात्रावास में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी दिए जाते हैं। अपनी सनातन संस्कृति को सहेजने के लिए अग्रणी रहते है।
सेवा भारती हिमाचल प्रदेश विवेकानंद आवासीय परिसर के अध्यक्ष खेमचंद शास्त्री ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की । उन्होंने रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि सेवा भारती द्वारा यह छात्रावास 2013 में मात्र 13 छात्रों से शुरू किया था। इस छात्रावास से सैकड़ो छात्र गुणबता वाली शिक्षा ग्रहण करके विभिन्न क्षेत्रों में अपना नाम कमा रहे। उन्होंने कहा कि इस छात्रावास को अब 100 बच्चों के लिए बनाने का संकल्प है तथा इस छात्रावास में उन बच्चों को लिया जाता है जो अभावग्रस्त होते हैं। उन्होंने कहा कि सेवा भारती विवेकानंद बाड़ी गुमाणु मंडी के पूर्व छात्र वर्तमान में 17 छात्र प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। 7 भारतीय सेना, 3 खेतीबाड़ी, 4 कंपनी में कार्य, 6 विस्तारक, 1 अध्यापक, 1 जे ओए, 3 पीएचडी, 3 सरकारी चालक, 9 बीएड, 11 एचएम, 9 बागवान, 7 निजी कंपनियों में नौकरी, 13 स्नातक सहित कई अन्य क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।