दिल्ली में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर आआपा ने सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली, 18 फ़रवरी । आम आदमी पार्टी (आआपा) के विधायक कुलदीप कुमार ने राजधानी में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर दिल्ली सरकार पर निशाना साधा।

विधायक कुलदीप कुमार ने बुधवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनती जा रही है। नए साल से अब तक सैकड़ों हत्याओं की खबरें सामने आ चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि हाल ही में नंद नगरी में एक नाबालिग को बचाने आए पिता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि राजधानी की बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था का प्रतीक है। इससे पहले तिलकपुरी में भी बीच-बचाव करने आए एक अधिवक्ता पर जानलेवा हमला हुआ। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या अब दिल्ली में किसी को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की भी कीमत जान देकर चुकानी पड़ेगी?

विधायक ने कहा कि जब देश की राजधानी में अपराधी खुलेआम घूम रहें है, फिरौतियां मांग रहे हों और एक ही दिन में कई हत्याएं हो रही हों, तो जनता सरकार से जवाब मांगेगी।

उन्होंने प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अपराधियों में कानून का डर क्यों खत्म हो चुका है? पुलिस प्रशासन क्या कर रहा है? क्या कारण है कि कार्रवाई अक्सर तब होती है जब सोशल मीडिया पर दबाव बनता है?

कुलदीप कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में आआपा विपक्ष की भूमिका में है लेकिन आआपा के विधायकों को पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर कानून व्यवस्था पर चर्चा करने का समय तक नहीं दिया जा रहा।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में एआई शिखर सम्मेलन हो रही है, पूरी दुनिया की नजर दिल्ली पर है लेकिन यहां अपराध रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

कुलदीप कुमार ने कहा कि सरकार ने आआपा पर घोटालों के आरोप लगाए गए हैं। लेकिन सवाल उठता है कि जो स्कूल खोले जा रहे है इन स्कूलों की लोकेशन, लागत और टेंडर प्रक्रिया क्या है?

उन्होंने कहा कि डॉ. बी. आर. अम्बेडकर के नाम पर चल रहे “स्कूल ऑफ एक्सीलेंस” का नाम बदलकर “सीएम श्री” कर दिया गया। डॉ. अम्बेडकर केवल एक नाम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, शिक्षा और संविधान के प्रतीक हैं। उनके नाम को हटाना करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा प्रश्न है। जनता क्या संदेश ले?

विधायक ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर काम करें। उन्होंने कहा कि राजधानी की सुरक्षा केवल एक दल का नहीं बल्कि पूरे देश की प्रतिष्ठा का प्रश्न है।