एबीवीपी ने परीक्षा और नगर निकाय चुनाव एक साथ कराने का किया विरोध

खूंटी, 04 फ़रवरी । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी के नेतृत्व में झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के अध्यक्ष से मुलाकात कर 23 फरवरी को इंटरमीडिएट परीक्षा और नगर निकाय चुनाव एक साथ कराने को लेकर आपत्ति दर्ज कराई। परिषद ने इस संबंध में एक मांग पत्र सौंपते हुए परीक्षा की तिथि पुनर्निर्धारित करने की मांग की।

प्रदेश मंत्री ने कहा कि प्रशासन का यह निर्णय अदूरदर्शी और छात्र विरोधी है। उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य के लाखों विद्यार्थी अपने भविष्य की महत्वपूर्ण इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर उसी दिन चुनाव कराए जाने से प्रशासनिक अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होगी। राज्य के अधिकांश प्लस-टू विद्यालय और महाविद्यालय मतदान केंद्र के रूप में चिह्नित हैं, जिससे परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

एबीवीपी ने तर्क दिया कि चुनाव के दिन सुरक्षा बलों की तैनाती, बैरिकेडिंग और सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण विशेषकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचने में कठिनाई होगी। साथ ही मतदान केंद्रों पर भीड़ और शोर-शराबे के बीच विद्यार्थियों के लिए एकाग्रता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा।

परिषद ने यह भी कहा कि इंटरमीडिएट के कई विद्यार्थी इस वर्ष 18 वर्ष की आयु पूरी कर पहली बार मतदान करने के पात्र हुए हैं। ऐसे में परीक्षा और चुनाव एक ही दिन होने से वे अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग नहीं कर पाएंगे।

प्रदेश मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जैक शीघ्र इस विसंगति को दूर करते हुए 23 फरवरी की परीक्षा को स्थगित या पुनर्निर्धारित नहीं करता है, तो पूरे राज्य में आंदोलन करने को बाध्य होगी।

इस मौके पर प्रदेश के एसएफएस संयोजक रवि अग्रवाल, महानगर मंत्री तुषार दुबे, प्रियांशु तिवारी, अभिनव सिंह, मदुआ मुंडा सहित कई कार्यकर्ता और छात्र प्रतिनिधि उपस्थित थे।