नई दिल्ली, 11 फ़रवरी । शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने लोकसभा में केंद्रीय बजट में पंजाब की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि साल 2015 के बाद से किसी भी बजट में पंजाब को उसका हक नहीं मिला। राज्य हर साल 2000 करोड़ रुपये से अधिक कर केंद्र सरकार को देता है, लेकिन बदले में कुछ नहीं मिलता।
पंजाब के भठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा में कहा कि पंजाब की विकास दर राष्ट्रीय औसत से कम है। जीएसडीपी अनुपात गिर रहा है। पंजाब की रीढ़ कृषि है लेकिन किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी नहीं मिली। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं हुईं। पिछले पांच सालों में 1000 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है। पीएम किसान निधि के लाभार्थियों की संख्या 50 प्रतिशत घटा दी गई है। उर्वरक और बिजली पर सब्सिडी कम कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि पंजाब ने साल 2025 में सबसे भीषण बाढ़ झेली। केंद्र ने 12,500 करोड़ रुपये राहत फंड का दावा किया लेकिन राज्य को कुछ नहीं मिला। प्रधानमंत्री और मंत्री केवल दौरे पर आए, 1600 करोड़ रुपये की घोषणा हुई पर पैसा नहीं मिला। हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई।
उन्होंने कहा कि पंजाब सीमा राज्य है। अटारी बॉर्डर बंद है। व्यापार ठप है। करतारपुर साहिब कॉरिडोर बंद है। पंजाब के युवा बेरोजगारी और नशे की समस्या से जूझ रहे हैं। बीएसएफ की रिपोर्ट बताती है कि हर रोज दर्जनों ड्रोन पकड़े जाते हैं, जिनसे हथियार और नशा आता है। पंजाब में सबसे ज्यादा ड्रग ओवरडोज मौतें हो रही हैं। हर रोज आठ महिलाएं कैंसर से मर रही हैं लेकिन बजट में न लेदर उद्योग के लिए कुछ है, न खेल सामान उद्योग के लिए, न टेक्सटाइल, न हाई स्पीड ट्रेन, न पर्यटन के लिए कुछ है।
हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि पंजाब के किसानों का कर्ज माफ किया जाए, बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए, उद्योगों के लिए विशेष पैकेज दिया जाए, नशामुक्ति के लिए सहायता दी जाए और किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए।