मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी नहीं कटे टोकन, धान खरीद केंद्रों में किसानों का धरना

धमतरी, 05 फ़रवरी । प्रदेश में धान खरीद को लेकर जारी असमंजस के बीच धमतरी जिले के धान खरीद केंद्रों में किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा अतिरिक्त समय दिए जाने की घोषणा के बावजूद कई केंद्रों में किसानों के टोकन नहीं कट पा रहे हैं। इससे आक्रोशित किसान धान खरीद केंद्रों के मुख्य द्वार के सामने गुरुवार काे धरने पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति गुदगुदा अंतर्गत अब भी 32 किसानों का करीब 1452 क्विंटल धान बिकना शेष है। इनमें पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष धमतरी रघुनंदन साहू का 50 क्विंटल धान भी शामिल है, जिसका टोकन अब तक नहीं कट पाया है। इसी तरह कुहकुहा, कोकड़ी, कुरुद, सिर्री सहित पूरे धमतरी जिले में लगभग यही स्थिति बनी हुई है। धान नहीं बिकने से किसान मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद परेशान हैं। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति गुदगुदा के प्रबंधक मेघ राज साहू ने बताया कि सोसायटी मॉड्यूल में किसानों की सूची अपलोड नहीं हो पा रही है, जिसके कारण पीवी एप में टोकन नहीं कट रहा है। उन्होंने कहा कि लिमिट की भी कोई समस्या नहीं है, इसके बावजूद 33 किसानों से लगभग 1450 क्विंटल धान की खरीद अब तक नहीं हो सकी है।

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रघुनंदन साहू ने कहा कि 30 जनवरी तक धान नहीं बिकने के बाद किसानों ने मान लिया था कि अब खरीद नहीं होगी, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा दो दिन का अतिरिक्त समय दिए जाने के बाद उम्मीद जगी थी। इसके बावजूद टोकन नहीं कटना और धान खरीद नहीं होना प्रशासन की नाकामी है, जिसकी जिम्मेदारी कलेक्टर स्तर तक तय होनी चाहिए।

किसान दुर्जन साहू ने बताया कि उनका 108 क्विंटल धान अब भी बिकना बाकी है। एक बार जो धान बिका, उससे केवल सोसायटी का कर्ज ही चुक पाया। किसान हितेश साहू ने कहा कि उनका 150 क्विंटल धान नहीं बिका है और घोषणा के बाद भी खरीदी नहीं होना किसानों के साथ धोखा है। इस संबंध में नोडल अधिकारी मुकेश राघव ने बताया कि गुदगुदा समिति में लंबित धान खरीद की पूरी जानकारी शासन को भेज दी गई है। वहीं कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि मामले की जानकारी राज्यस्तर पर भेजी गई है और वहां से अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई संभव होगी। तब तक किसानों की चिंता और इंतजार बना हुआ है।