धौलपुर, 24 फ़रवरी । जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी ने मंगलवार को जिले के बाडी उपखंड क्षेत्र के बिजौली स्थित गौशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशाला में संरक्षित गौवंश के रख-रखाव, चारा-पानी, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, आश्रय व्यवस्था तथा रिकॉर्ड संधारण की स्थिति की गहन समीक्षा की। डीएम ने गौशाला परिसर का भ्रमण कर पशुओं के लिए उपलब्ध हरे एवं सूखे चारे की मात्रा और गुणवत्ता की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि गौवंश को नियमित एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराया जाए तथा चारे के भंडारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी परिस्थिति में चारे की कमी न हो। उन्होंने स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता पर विशेष जोर देते हुए जल टंकियों की नियमित सफाई के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में नंदीशाला में 125 नंदी है नंदीशाला की क्षमता 500 नंदियों की है। उन्होंने पशुपालन अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि शहरी क्षेत्रों में घूम रहे निराश्रित नंदियों को नगर परिषद के सहयोग से बिजौली नंदीशाला में व्यवस्थित किया जाना सुनिश्चित करें। डीएम ने गौवंश का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण एवं बीमार अथवा कमजोर पशुओं के लिए पृथक देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। डीएम ने गोबर के वैज्ञानिक निस्तारण, वर्मी कम्पोस्ट एवं जैविक खाद निर्माण की संभावनाओं को विकसित करने पर जोर दिया, ताकि गौशाला आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सके। गौशालाओं का बेहतर संचालन केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशाला की व्यवस्थाओं की समय-समय पर मॉनिटरिंग की जाए तथा आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। निरीक्षण के दौरान पशुपालन अधिकारी एवं गौशाला प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।