गुरुग्राम, 14 फरवरी । यहां एक गांव में घर से स्कूल ड्रेस पहनकर गायब हुई 11वीं कक्षा की छात्रा की गांव के तालाब में लाश मिली। छात्रा ने अपनी डायरी में लिखा-मम्मी, पापा मुझे माफ कर देना। मैं दादा के पास जा रही हूं। मुझे तलाश मत करना। यह डायरी घर में उसके कमरे से मिली। डायरी मिलते ही परिजन गांव के तालाब की तरफ दौड़े। वहां तलाश करने पर छात्रा की लाश तालाब में कीचड़ में फंसी मिली। इस घटना की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रा के शव को पोस्टमार्टम कराकर परिवार को सौंप दिया।
गांव मोकलवास की रहने वाली नेहा मैत्री स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ती थी। पढ़ाई में भी वह अव्वल थी। उसके पिता अदालत में नौकरी करते हैं। नेहा का एक भाई भी है। बीती 11 फरवरी की रात को घर के बाकी सदस्य तो खाना खाकर सोने चले गए, लेकनि नेहा पढ़ाई की बात कहकर अपने कमरे में चली गई। परिवार के लोग सुबह उठे तो नेहा अपने कमरे में नहीं थी। उसकी परिवार के सदस्यों ने तलाश की। उसकी स्कूल ड्रेस भी कमरे में नहीं थी। परेशान परिवार की ओर से छात्रा के गायब होने की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। घर से थोड़ी दूर एक मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में नेहा स्कूल की ड्रेस पहने हुए जाती हुई नजर आई।
पुलिस ने छात्रा के मानसिक तनाव, परिवार में विवाद को उसकी घर से जाने की वजह माना। परिवार की ओर से नेहा की सूचना देने वाले के लिए एक लाख रुपये का इनाम देने की बात कही गई। पुलिस छात्रा नेहा की तलाश में आसपास के गांवों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर पहुंची। शुक्रवार को छात्रा के कमरे से एक डायरी मिली। डायरी में लिखा था कि मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना। मैं दादा के पास जा रही हूं। मुझे तलाश मत करना। अगर तलाश करनी ही है तो श्मशान घाट वाले जोहड़ में कर लेना। यह पढक़र पूरा परिवार जोहड़ की तरफ दौड़ा। मौके पर गोताखोर बुलाए गए। पानी अधिक होने के कारण उन्हें छात्रा की तलाश करने में दिक्कत आ रही थी। मोटर से जोहड़ का पानी निकाला गया। जब पानी कम हुआ तो छात्रा नेहा की लाश कीचड़ में फंसी नजर आई। यह देखते ही परिवार आपा खो बैठा। परिजन बिलख बिलखकर रोने लगे। पुलिस ने छात्रा की लाश का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।