गुरुग्राम: अमेरिका से डिपोर्ट कर लाया गया लॉरेंस व जठेड़ी गैंग का गैंगस्टर सोमवीर मोटा

गुरुग्राम, 11 फरवरी । लॉरेंस बिश्नोई व काला जठेड़ी गैंग के गैंगस्टर सोमवीर को हरियाणा की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा मंगलवार की रात को अमेरिका से डिपोर्ट करके भारत लाया गया। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से आरोपी को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया।

केंद्रीय अनवेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हरियाणा पुलिस के आग्रह पर एक साल पहले 11 फरवरी 2025 को रोहतक जिला के रहने वाले गैंगस्टर सोमबीर के खिलाफ इंटरपोल के माध्यम से रेड नोटिस जारी करवाया था। इसके बाद सीबीआई ने वाशिंगटन स्थित एनसीबी के साथ समन्वय स्थापित किया। वहां आरोपी का पता लगाकर उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया पूरी की। बुधवार को एसटीएफ के पुलिस अधीक्षक वसीम अकरम ने बताया कि 39 साल का गैंगस्टर सोमवीर मोटा गैंगस्टर अनिल छिप्पी का भाई है।

वह रोहतक, सोनीपत, झज्जर, नई दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में हत्या, हत्या की कोशिश, डकैती और जबरन वसूली के 27 मामलों में आरोपी है। करीब 17 महीने से उसे अमेरिका से डिपोर्ट कराने के लिए प्रयास किया जा रहा था। सीबीआई व एसटीएफ ने इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था, जिसके बाद मंगलवार देर रात उसे एयरपोर्ट लाया गया, जहां से एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार किया। एसटीएफ मुख्यालय में गैंगस्टर सोमवीर से पूछताछ की जा है। दोनों भाइयों सोमवीर व अनिल छिप्पी का नाम साल 2009 में कारोर गांव में हुए सनसनीखेज गोलीकांड में सामने आया था। इस मामले में काला जठेड़ी समेत सात लोगों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है।

गैंगस्टर सोमवीर व उसका भाई गैंगस्टर अनिल छिप्पी लंबे समय से हरियाणा व आसपास के राज्यों में अपराध की दुनिया में सक्रिय थे। कई बार वे जेल भी जा चुके हैं। सोमवीर लंबे समय से फरार चल रहा था और विदेश में बैठकर अपने नेटवर्क के जरिए गैंग ऑपरेट कर रहा था। उसको विदेश भेजने के लिए पहले फर्जी पते पर पासपोर्ट बनवाया गया। इसके बाद दुबई होते हुए वह स्पेन, आबुधाबी होते हुए डंकी रूट से अमेरिका पहुंचा। एसटीएफ के अधीक्षक वसीम अकरम ने यह भी बताया कि सोमवार अपने पिता व दो चाचा की हत्या के आरोपियों से बदला लेने के लिए बदमाश बना था। उसका भाई अनिल छिप्पी भी अपराध की दुनिया में ही सक्रिय है।

वसीम अकरम के मुताबिक एसटीएफ हरियाणा पिछले एक साल में दस कुख्यात गैंगस्टर को विदेश से डिपोर्ट करा चुकी है। गैंगस्टर जोगिंद्र ग्योंग को फिलिपिंस से, नरेश नरसी को अरमेनिया से, कुनाल जून को कजाकिस्तान से, मैनपाल बादली को कम्बोडिया से, लखविंद्र लक्खा को अमेरिका से, सुनील सरधाना को कोस्टारिका से, अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से, अंकित शौकीन को थाईलैंड से, अमन भैंसवाल को अमेरिका से व अब सोमवीर मोटा को अमेरिका से डिपोर्ट किया गया है।