नई दिल्ली, 12 फ़रवरी । आईटी सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी मरुशिका टेक्नोलॉजी लिमिटेड का 26.97 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 16 फरवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 17 फरवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 18 फरवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 19 फरवरी को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन इस आईपीओ को 0.27 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 111 रुपये से लेकर 117 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। मरुशिका टेक्नोलॉजी लिमिटेड के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,80,800 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 23,05,200 नए शेयर जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.16 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.42 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.37 प्रतिशत हिस्सा और मार्केट मेकर्स के लिए 5.05 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए नेक्सजेन फाइनेंशियल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि स्काईलाइन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं निकुंज स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 3.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 6.29 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 में कंपनी को 3.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 60.83 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 85.63 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 में कंपनी को 48.71 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। इस अवधि में कंपनी के कर्ज का बोझ भी बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 19.64 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 21.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर 18.92 करोड़ रुपये का कर्ज था।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 7.58 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 9.14 करोड़ रुपये हो गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत तक ये 12.28 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 5.67 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 10.47 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में ये 5.64 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।