राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक : नीलकंठ सिंह मुंडा

खूंटी, 08 फ़रवरी । राज्य के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा रविवार को लांदुप पंचायत में आयोजित वनभोज कार्यक्रम में शामिल होकर स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासी समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इस अवसर पर ग्रामीणों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को सुना और क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि आज उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। रोजगार के अभाव, विकास योजनाओं के ठप पड़ने और लगातार बढ़ते पलायन से लोग बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना था कि सरकारी योजनाएं कागजों तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

नीलकंठ ने कहा कि आदिवासियों और ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके विपरीत नजर आती है। कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है, जिससे आम लोगों में असुरक्षा का भाव बढ़ रहा है। लोगों को आजीविका के लिए पलायन करने को मजबूर होना पड़ रहा है, जो क्षेत्र के विकास के लिए गंभीर संकेत है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि धरातल पर कार्य नहीं दिख रहा है। भोली-भाली जनता को आश्वासनों के सहारे रखा जा रहा है, जिससे लोगों में निराशा बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि खूंटी की धरती उलगुलान और आंदोलन की धरती रही है, जहां से हमेशा अधिकारों की आवाज उठती रही है। यहां के लोग अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं और अपनी बात मजबूती से रखना जानते हैं।