पूर्वी सिंहभूम, 21 फरवरी। जमशेदपुर स्थित ज़ेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (एक्सएलआरआई) में शनिवार को सामाजिक प्रभाव समिति सिग्मा-ऑइकोस के तत्वावधान में नौवां सामाजिक उद्यमिता महासम्मेलन का आयोजन किया गया।
दो दिवसीय इस सम्मेलन का केंद्रीय विषय “विकसित भारत में श्रम की आकांक्षाएं” रहा, जिसमें देश के बदलते श्रम एवं आजीविका परिदृश्य पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, प्रशासकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, श्रमिक संगठनों, सामाजिक उद्यमियों और शिक्षाविदों ने भाग लिया।
सम्मेलन में एक्सएलआरआई के लगभग 250 विद्यार्थियों सहित विभिन्न संस्थानों के युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम का शुभारंभ एक्सएलआरआई के डीन (एकेडमिक्स) प्रो. संजय पात्रो, फादर मुक्ति क्लेरेंस एस.जे., सिग्मा-ऑइकोस के फैकल्टी एडवाइजर प्रो. सौरव स्नेहव्रत तथा संस्थापक प्रो. मधुकर शुक्ला द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
पहले पैनल सत्र में असंगठित और संविदा क्षेत्र के श्रमिकों के कौशल उन्नयन, औपचारिककरण और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के पूर्व सचिव अतुल कुमार तिवारी (सेवानिवृत्त आईएएस) ने अपने अनुभव साझा किए। सत्र की अध्यक्षता प्रो. जॉनसन अभिषेक मिंज ने की।
चर्चा में दक्षिण पूर्व रेलवे के वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी राजा कर्ण, महिंद्रा फर्स्ट चॉइस व्हील्स के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी शिविन टिकू, भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) झारखंड के वरिष्ठ राष्ट्रीय सचिव एवं अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय तथा भारत ग्रामीण आजीविका फाउंडेशन के कार्यक्रम अधिकारी मानस मंडल ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब श्रमिकों को सम्मान, सुरक्षा और अवसर तीनों मिलें।
दूसरे पैनल में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में बढ़ती आकांक्षाओं तथा एग्री-उद्यमिता की संभावनाओं पर चर्चा हुई। झारखंड सरकार के पूर्व मंडल आयुक्त जटा शंकर चौधरी (सेवानिवृत्त आईएएस) मुख्य वक्ता रहे, जबकि सत्र की अध्यक्षता प्रो. राहुल के. शुक्ला ने की। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की सहायक महाप्रबंधक जस्मिका बास्के सहित विभिन्न उद्यमियों ने कृषि आधारित आजीविका के नए मॉडल, तकनीकी नवाचार और ग्रामीण युवाओं के लिए अवसरों पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन के उपरांत “एक्सएलआरआई इमर्जिंग सोशल एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर (एक्सएल-जेसी) अवॉर्ड” की तीसरी कड़ी आयोजित की गई। इस वर्ष का विषय “कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में आकांक्षाओं को बल” रखा गया था। देशभर से प्राप्त आवेदनों में से चार उत्कृष्ट सामाजिक उद्यमियों का चयन कर प्रत्येक को एक लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान प्रो. संजय पात्रो, प्रो. सौरव स्नेहव्रत और प्रो. टाटा एल. रघु राम ने प्रदान किया।
पुरस्कार पाने वालों में किंगफिशरीज़ फार्म्स के निशांत कुमार, गोपाल बायोटेक एग्रो फार्म की जयंती प्रधान, आसाम ग्रीन टेक के बिस्वजीत बोर्दोलोई और वसुंधरा बायोफाइबर्स की श्रीमती प्रीति सिंह शामिल रहीं। इन उद्यमियों ने मत्स्य पालन, जैविक कृषि, हरित प्रौद्योगिकी और बायोफाइबर जैसे क्षेत्रों में नवाचार के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को नई दिशा दी है।