खूंटी, 06 फ़रवरी । तोरपा प्रखंड के हुसिर गांव के ग्रामीणों में वन पट्टा नहीं मिलने को लेकर गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि सामुदायिक वन अधिकार (सीएफआर ) और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार से संबंधित उनका दावा पिछले कई वर्षों से लंबित पड़ा है, जिससे उन्हें अपने पारंपरिक अधिकारों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसको लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के पूर्व जिलाध्यक्ष दिलीप मिश्रा के नेतृत्व में अनुमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने बताया कि इसी समस्या को लेकर 14 नवम्बर को उन्होंने सांसद कालीचरण मुंडा से मुलाकात कर एक आवेदन सौंपा था। सांसद ने आवेदन पर अनुशंसा करते हुए वन प्रमंडल पदाधिकारी को तथ्यों का अवलोकन कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद अब तक हुसीर के ग्रामीणों को वन पट्टा उपलब्ध नहीं कराया गया है।
हुसीर ग्रामसभा और वन अधिकार समिति के सदस्यों के अनुसार, उनका सामुदायिक वन अधिकार और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार का दावा वर्ष 2018 में अनुमंडल स्तरीय समिति को सौंपा गया था। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइल वर्ष 2019 में जिला स्तरीय समिति को भेज दी गई, जहां से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। लंबे समय से फाइल लंबित रहने के कारण ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर लंबित दावे पर निर्णय लेने और वन पट्टा जारी करने की मांग की है, ताकि उन्हें अपने पारंपरिक वन संसाधनों पर वैधानिक अधिकार मिल सके।