सूने मकान में हुई एक करोड़ की चोरी का खुलासा : जीजा -साला और ससुर गिरफ्तार

जोधपुर, 04 फरवरी । शहर के सरदारपुरा चौथी ए रोड पर 25 जनवरी की रात में हुई एक करोड़ की चोरी का पुलिस ने आज खुलासा करते हुए जीजा-साला और ससुर को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से पुलिस ने चोरी का पूरा माल भी जब्त कर लिया है। अभियुक्त चाबी बनाने वाले सीकलीगर है। आरोपित बांसवाड़ा जिले के है। वारदात को अंजाम देने से पहले जोधपुर आए और यहां राज रणछोडज़ी मंदिर के पास एक होटल में रूके थे। वारदात कर वापिस रोडवेज बस से फरार हो गए।

पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार बंसल ने बताया कि मूलत: मुंबई के मोरीवली हाल मेहता मेशंस हाल चौथी ए रोड निवासी कारोबारी भरत मेहता पुत्र संपत राज मेहता ने रिपोर्ट दी थी। उनके घर सूने घर से 25 जनवरी रात को अज्ञात चोर पांच किलो चांदी के बर्तन- आभूषण के साथ पांच सौ ग्राम गोल्ड के जेवरात चुरा ले गए थे। जिस पर केस दर्ज किया गया था।

सरदारपुरा थानाधिकारी जयकिशन सोनी ने बताया कि प्रकरण के खुलासे के लिए गठित टीम ने सरदारपुरा और आस पास के तरकीबन दो सौ कैमरों के फुटेजों को खंगाला। तब पता लगा कि बांसवाड़ा के सिकलीगर सिख लोग है जोकि चाबी बनाने का काम करते है। इस पर उनकी पहचान के प्रयास किए गए। तब पता लगा कि यह लोग बांसवाड़ा के है और उनकी पहचान बाद में दीपसिंह और रणदीप सिंह के रूप में हुई। तब उन दोनों को पकड़ा गया। पूछताछ में चोरी करना बताया।

आरंभिक पूछताछ में पता लगा कि यह लोग 25 जनवरी को जोधपुर आए फिर राज रणछोडज़ी मंदिर के पास एक होटल में रूके थे। बाद में आधी रात को निकले। यहां सरदारपुरा बी रोड पर एक बाइक को लॉक तोड़ कर उक्त घटनास्थल पर गए। वारदात के लिए सूने मकान की टोल के लिए पहले महामंदिर फिर सरदारपुरा और शास्त्रीनगर एरिया में गए अंतत: सरदारपुरा डी रोड भरत मेहता का मकान चुना गया।

आरोपितों की तलाश के लिए पुलिस की टीम बांसवाड़ा, उदयपुर, रतलाम एवं गुजरात तक गई। बाद में लोकेशन बांसवाड़ा मिलने पर वहां से पकड़ा जा सका। यहां आरोपित दीपसिंह और रणदीप सिंह बांसवाड़ा अपने घर पहुंचे जहां पर दीपसिंह के पिता तीरथ सिंह उर्फ तीतर सिंह ने माल को खुर्दबुर्द कर छुपा दिया। आरोपित पहले पिंडवाडा फिर बांसवाड़ा पहुंचे थे।

आरोपितों ने वारदात के बाद आनन फानन में होटल से रवाना होकर होटल मालिक को अपनी नानी के देहांत की जानकारी दी और सामान लेकर चले गए। इस पर उसने भी ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

पुलिस ने अब प्रकरण में उदयपुर प्रतापनगर के गुरूनानक कॉलोनी निवासी रणदीपसिंह पुत्र अजीत सिंह, बांसवाड़ा के मयूर मिल के पीछे रहने वाले दीपसिंह और उसके पिता तीरथ सिंह उर्फ तीतर सिंह को गिरफ्तार किया है।