भोपाल, 09 फ़रवरी । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सामने आए कथित संगठित गौ-तस्करी प्रकरण को लेकर विभिन्न संगठनों की ओर से नाराजगी व्यक्त की जा रही है। इसी क्रम में हिंदू उत्सव समिति ने साेमवार काे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम एक ज्ञापन भोपाल पुलिस आयुक्त को सौंपा है।
ज्ञापन में मुख्य आरोपी बताए जा रहे असलम कुरैशी सहित पूरे नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। समिति की ओर से ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाए। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की अपील की गई है, ताकि कथित संगठित नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की भूमिका सामने आ सके।
सरकार और व्यवस्था पर उठाए सवाल
हिंदू उत्सव समिति ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि प्रदेश में लंबे समय से भाजपा सरकार होने और गौ-संरक्षण को लेकर लगातार दावे किए जाने के बावजूद राजधानी भोपाल में गौ-तस्करी और गोमांस से जुड़े मामलों का सामने आना चिंताजनक है। समिति का कहना है कि सरकारी दावों और जमीनी स्थिति के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। समिति का दावा है कि उसकी सक्रियता के चलते हाल ही में लगभग 26 टन गोमांस जब्त किया गया। संगठन के अनुसार यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे एक अंतरराज्यीय संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिलते हैं।
एसआईटी की कार्यप्रणाली पर असंतोष
राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को लेकर भी समिति ने असंतोष व्यक्त किया है। ज्ञापन में कहा गया है कि एसआईटी के गठन के बावजूद अब तक कोई ठोस रिपोर्ट या निर्णायक कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे जांच की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
अवैध गतिविधियों के जारी रहने का आरोप
हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने आरोप लगाया कि स्लॉटर हाउस बंद होने के बावजूद अवैध कटान और गौ-तस्करी की घटनाएं पूरी तरह नहीं रुकी हैं। उनका कहना है कि सीबीआई जांच से मामले से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी और अन्य सहयोगियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। समिति ने यह भी बताया कि ज्ञापन की प्रतियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी भेजी जाएंगी। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे सामाजिक संतुलन और कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।