नारनाैल, 23 फ़रवरी । नारनौल शहर का डिजिटल रिकार्ड दुरुस्त करने की दिशा में शहर का नक्शा प्रोजेक्ट में अब दस और कॉलोनियों को शामिल किया गया है। इस पारदर्शी प्रॉपर्टी रिकॉर्ड के बनने से शहर को अवैध कब्जों से मुक्ति मिलने के साथ-साथ विकास को एक नई गति भी मिलेगी।
जिला नगर आयुक्त रणवीर सिंह ने सोमवार को बताया कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासन की दस अलग-अलग टीमें लगातार शहर के विभिन्न हिस्सों में सर्वे और मैपिंग के कार्य में जुटी हुई हैं। इस विशेष प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य शहर के हर क्षेत्र का सटीक रिकॉर्ड तैयार करना है ताकि भविष्य में लोगों को अपनी प्रॉपर्टी और जमीन-जायदाद से संबंधित किसी भी प्रकार के विवाद का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि इस डिजिटल मानचित्रण के तैयार होने के बाद न केवल आम जनता को कानूनी उलझनों से मुक्ति मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी और अधिक पारदर्शिता आएगी और सरकार को विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने में बड़ी मदद मिलेगी। प्रोजेक्ट की प्रगति का विवरण देते हुए जिला नगर आयुक्त ने बताया कि शहर की कई कॉलोनियों में काम पहले से ही चल रहा है। इसी कड़ी में अब दस नई कॉलोनियों और क्षेत्रों में भी सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पहले चरण के तहत कैलाश नगर नॉर्थ, एंप्लॉयज कॉलोनी, आदर्श नगर, अग्रसेन कॉलोनी, दया नगर, मोती नगर, केशव नगर, शास्त्री नगर, शिव कॉलोनी और एचएसवीपी सेक्टर-एक में कार्य का आवंटन किया जा चुका है। अब प्रशासन ने इस दायरे को बढ़ाते हुए कैलाश नगर साउथ, जुडिशियल कॉम्प्लेक्स एवं एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक, आदर्श नगर एक्सटेंशन, अग्रसेन कॉलोनी एक्सटेंशन, दया नगर एक्सटेंशन, सेक्टर-एक पार्ट एक व दो, केशव नगर एक्सटेंशन, शास्त्री नगर, शिव कॉलोनी पार्ट-एक और विलेज नसीबपुर हुडा सेक्टर के समीप बाहरी क्षेत्र) में भी नए सिरे से आवंटन कर काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। डीएमसी ने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि शहर के हर घर और हर गली का डिजिटल रिकॉर्ड दुरुस्त हो, जिससे अवैध कब्जों पर रोक लगे और शहर के सुनियोजित विकास को एक नई गति मिल सके।