नई दिल्ली, 24 फरवरी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को संस्कृत सुभाषित साझा कर नवाचार में प्रतिभा और परिश्रम के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि केवल प्रतिभा पर्याप्त नहीं होती, सफलता के लिए निरंतर प्रयास जरूरी होता है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा , यथैकेन न हस्तेन तालिका सम्प्रपद्यते। थोद्यमपरित्यक्तं न फलं कर्मणः स्मृतम्॥ इस सुभाषित का अर्थ है कि जैसे एक हाथ से ताली नहीं बजती, उसी तरह बिना प्रयास के किसी काम का फल नहीं मिलता। केवल क्षमता या प्रतिभा होने से सफलता नहीं मिलती। जब तक व्यक्ति मेहनत और निरंतर प्रयास नहीं करता, तब तक उसे अपने काम का परिणाम नहीं मिलता।