केंद्र सरकार का बजट आत्मनिर्भर भारत के साथ अल्पसंख्यकों के हितों का रखा है पूरा ख्याल : राजवली

मंडी, 03 फ़रवरी । हिमाचल प्रदेश बीजेपी के प्रांत कार्य समिति के सदस्य व प्रांत अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद राजवली ने केंद्र सरकार के बजट 2026 की सराहना की है। मंडी में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान करने वाला ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास इस बजट की आत्मा है, जो देश को आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा केंद्र सरकार ने खासकर अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करने और इस वर्ग के उत्थान के लिए बजट का प्रावधान किया है। एनडीए सरकार के दौरान अल्पसंख्यकों के लिए जो योजनाएं बनाई गई है उससे इस वर्ग तरक्की है। कांग्रेस पार्टी वी अन्य पार्टियों ने अल्पसंख्यकों के अपना वोट बैंक समझ रखा था लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की दूरदर्शी सोच से और उनके हित में जो काम किया है उससे अब अल्पसंख्यक भी समझ चुके हैं कि उनका सुनहरी भविष्य भाजपा के हाथ में है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बीच लगभग 7 प्रतिशत की मजबूत विकास दर भारत की आर्थिक शक्ति और सरकार की दूरदृष्टि का प्रमाण है। कर्तव्य भवन में तैयार हुआ यह पहला बजट नए भारत के नए दृष्टिकोण और नई कार्यसंस्कृति का प्रतीक है, जिसमें आर्थिक ग्रोथ को बढ़ावा देना, जनता की उम्मीदों को पूरा करना और सबका साथ, सबका विकास सुनिश्चित करना, सरकार के तीन प्रमुख कर्तव्य के रूप में सामने आए हैं। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्कर पर रिकॉर्ड निवेश का उल्लेख करते हुए कहा कि पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करना भारत को भविष्य की अर्थव्यवस्था बनाने का मजबूत आधार है। उन्होंने टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष फोकस की सराहना करते हुए कहा कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से छोटे शहरों में रोजगार और अवसरों के नए द्वार खुलेंगे।

उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के रोडमैप की प्रशंसा करते हुए कहा कि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का निर्माण, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और जरूरी आयात पर निर्भरता कम करना देश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा। उन्होंने कहा कि यह बजट लोक-लुभावनवाद नहीं बल्कि ठोस आर्थिक सुधारों पर आधारित है, जिसमें आम जनता के हितों को सर्वोपरि रखा गया है।