जालोर, 10 फ़रवरी । जिले के आहोर कस्बे में युवक की संदिग्ध मौत के मामले को लेकर पिछले तीन दिनों से जारी धरना-प्रदर्शन मंगलवार को उग्र हो गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान भारत आदिवासी पार्टी (बाप) के जिलाध्यक्ष छगन लाल मीणा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। लाठीचार्ज में छगन मीणा के सिर में चोट भी आई है। मौके पर एसपी शैलेंद्र सिंह इंदोलिया सहित वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे।
मंगलवार दोपहर प्रदर्शनकारी मोर्चरी से उठकर एसडीएम कार्यालय के बाहर नेशनल हाईवे-325 (सांडेराव–बाड़मेर मार्ग) पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन में जालोर, पाली और सिरोही जिलों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। भीड़ के उग्र होने और नारेबाजी शुरू होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर हाईवे से लोगों को हटाया। इस दौरान भगदड़ मच गई और कुछ लोग कीचड़ में गिर पड़े।
तीसरे दिन प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच दो बार बातचीत हुई, लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। सोमवार को पांच दौर की बातचीत के बाद पोस्टमॉर्टम पर सहमति बनी थी, लेकिन मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने फिर से धरना शुरू कर दिया और पोस्टमॉर्टम नहीं होने दिया।
बाप पार्टी नेता छगन मीणा ने बताया कि पोस्टमॉर्टम पर सहमति बनी थी, लेकिन पुलिस पर भरोसा नहीं है। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया जाएगा। स्थिति को देखते हुए नोसरा, भाद्राजून, आहोर और जालोर थानों का अतिरिक्त पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात किया गया है। एडिशनल एसपी मोटाराम गोदारा, डीएसपी दशरथ सिंह और आहोर एसडीएम रोहित चौहान ने बाप जिलाध्यक्ष छगन मीणा, गौतम ऋषि ट्रस्ट पाली एवं सिरोही के जिला अध्यक्ष रतनलाल से वार्ता की, लेकिन समाधान नहीं निकल सका।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। इनमें मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार को सुरक्षा, मामले में अपहरण और सबूत मिटाने की धाराएं जोड़ी जाएं, मृतक अशोक की छह वर्षीय पुत्री की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, बाप जिलाध्यक्ष छगन मीणा को हिरासत में लेने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए शामिल है।
मीणा समाज के गौतम ऋषि मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रताराम आमलिया भी धरना स्थल पर पहुंचे और प्रशासन के समक्ष मांगें दोहराईं। भाद्राजून थाना क्षेत्र के गोलिया गांव में सात फरवरी की शाम अशोक कुमार मीणा (45) का शव घर में फंदे से लटका मिला था।
परिजनों का आरोप है कि अशोक के पैर जमीन से टिके हुए थे और उसकी हत्या कर शव को फंदे पर लटकाया गया।
मृतक के भाई अमृत लाल मीणा ने रिपोर्ट में बताया कि कुछ समय पहले पांचोटा गांव निवासी देवी सिंह उनके घर आया था और उनके भाई खेताराम को गुजरात में काम दिलाने के बहाने साथ ले गया। गुजरात में अवैध शराब परिवहन के दौरान देवी सिंह का वाहन पकड़ा गया, जबकि देवी सिंह फरार हो गया और खेताराम को गिरफ्तार कर पालनपुर जेल भेज दिया गया।
सात फरवरी को अशोक, खेताराम को जेल से छुड़वाने के लिए देवी सिंह से मिलने पांचोटा गया था, जहां देवी सिंह ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद फोन पर भी धमकियां दी जाती रहीं। उसी शाम अशोक का शव घर में फंदे से लटका मिला।
मृतक की बहन बबी कुमारी ने पुलिस को बताया कि घटना से पहले उसने चार लोगों को बाइक पर जाते देखा था, जिनमें एक देवी सिंह था। परिजनों का आरोप है कि देवी सिंह और उसके साथियों ने अशोक की हत्या कर आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।