भोपाल, 18 फ़रवरी । मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बुधवार काे विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने इसे “विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम” बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट जनकल्याण को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के साथ गरीब, युवा, नारी और किसानों की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा।
हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने की दिशा में यह बजट प्रभावी साबित होगा। मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट प्रदेश के समग्र विकास और सुदृढ़ अर्थव्यवस्था का दृष्टिपत्र है। इसके लिए उन्होंने उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का आभार व्यक्त किया।
पूंजीगत व्यय में वृद्धि से विकास को नई गति
हेमंत खण्डेलवाल ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 4,38,317 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया है। इसमें 1,17,667 करोड़ रुपये का स्वयं का राजस्व लक्ष्य रखा गया है, जबकि 1,12,137 करोड़ रुपये केंद्र से प्राप्त होंगे। राज्य के स्वयं के कर राजस्व में 10.6 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान प्रदेश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। पिछले वर्ष की तुलना में पूंजीगत व्यय में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे अधोसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा और विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी। अनुसूचित जनजाति विभाग के बजट में 25.8 प्रतिशत वृद्धि कर 47,429 करोड़ रुपये तथा अनुसूचित जाति विभाग के बजट में 17 प्रतिशत वृद्धि कर 31,192 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद 10.69 प्रतिशत वृद्धि के साथ 18,48,274 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो सरकार की प्रभावी नीतियों का परिणाम है।
प्रति व्यक्ति आय में 19.25% वृद्धि—मजबूत अर्थनीति का प्रमाण
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष खण्डेलवाल ने कहा कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय दो वर्षों में 1,41,000 रुपये से बढ़कर 1,69,000 रुपये हो गई है, जो 19.25 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है। यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में लागू प्रभावी आर्थिक नीतियों का परिणाम है। बजट में गौशालाओं के लिए विशेष प्रावधान, किसानों को 1 लाख सोलर पंप, 1 लाख हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य तथा फसल बीमा हेतु 1,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वर्ष 2026 ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाने के बाद अब वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया गया है। किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री सम्मान निधि के माध्यम से प्रतिवर्ष 12,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। सिंचाई रकबे में निरंतर विस्तार किया जा रहा है। नदी जोड़ो परियोजनाओं के माध्यम से बुंदेलखंड, चंबल और मालवांचल क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से सिंचाई क्षेत्र को 55 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर और विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है।
महिला, युवा और गरीबों के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस
महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु ‘लाड़ली बहना योजना’ के लिए 23,882 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। 5,700 महिला हॉस्टलों के निर्माण, सुरक्षा और पेंशन पर विशेष ध्यान दिया गया है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 25,000 करोड़ रुपये के ऋण प्रावधान किए गए हैं। खेलों के विकास के लिए 815 करोड़ रुपये, ग्रामीण सड़कों के लिए 21,000 करोड़ रुपये, शिक्षा के विस्तार हेतु 294 नए विद्यालयों की स्थापना तथा आंगनवाड़ियों में पोषण आहार को सुदृढ़ करने के प्रावधान किए गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 23,000 करोड़ रुपये तथा शहरी परिवहन को सुदृढ़ करने के लिए 72 नई ई-बस सेवाएं शुरू करने की घोषणा की गई है।
“सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी बजट”
हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि यह बजट गरीब, युवा, नारी शक्ति, अन्नदाता, मध्यम वर्ग और उद्यमियों सहित समाज के हर वर्ग के आर्थिक सशक्तिकरण का रोडमैप है। यह बजट सशक्त और समृद्ध मध्यप्रदेश की नींव को और मजबूत करेगा तथा आने वाले वर्षों में प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करेगा।