राज देवता माधोराय की जलेब के साथ शुरू हुआ अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव-2026।

राज देवता माधोराय की जलेब के साथ शुरू हुआ अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव-2026।

मंडी, 16 फ़रवरी । छोटी काशी मंडी में सोमवार को सात दिवसीय मंडी शिवरात्रि महोत्सव-2026 का आगाज राजदेवता माधोराय की शाही जलेब के साथ हुआ। इस अवसर पर उप -मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने राज देवता माधोराय के मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव-2026 की प्रथम शाही जलेब में शिरकत की। यह पहला मौका था जब प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री द्वारा अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ किया गया।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू विधानसभा के बजट सत्र की वजह से इस बार मेलों में शिरकत नहीं कर पाए। खुशनुमा मौसम के चलते धूमधाम से निकली राजदेवता माधोराय की जलेब में ढोल-नगाड़ों की धून पर झूमते हुए सैंकड़ों देवलुओं ने झूमते नाचते हुए शिरकत की। मंडी जनपद के देवी-देवता अपने देवलुओं के साथ ढोल-नगाड़ों की तान पर झूमते हुए पड्डल मेला मैदान तक पहुंचे। माधोराय की शाही जलेब में सबसे आगे पुलिस के घुड़ सवार पुलिस और होमगार्ड बैंड, पुलिस के जवान, महिला पुलिस, होमगार्डस,की टुकडिय़ों के साथ-साथ सांस्कृतिक छटा बिखेरते सांस्कृतिक दलों ने भी राजदेवता की जलेब में शिरकत की।

उपायुक्त कार्यालय परिसर से शुरू हुई राजदेवता माधोराय की जलेब पड्डल मैदान में पहुंची। यहां पर उप-मुख्यमंत्री ने ध्वजारोहण कर शिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ किया। वहीं जलेब में हिमाचली व मंडयाली संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले सांस्कृतिक दलों ने अपने क्षेत्र के परंपरागत पहनावे के साथ शामिल होकर प्रतिनिधित्व किया। इसमें भगवान भोलेनाथ की बारात, मंडयाली लोककलाकारों के दल, महिलाओं की नाटी के साथ-साथ मंडी का नागरीय नृत्य की झलक भी जलेब में देखने को मिली। प्रजापिता ब्रम्हकुमारी संस्था की ओर से शिवरात्रि को लेकर विशेष झांकी के साथ जागरूकता का संदेश दिया। माधोराय की पहली जलेब में बालीचौकी क्षेत्र के देवता छानणू-झमाहूं की जोड़ी ढोल नगाड़ों की लय पर झूमे। इसके बाद देव कोटलू नारायण, देव सरोली मार्कंडेय, देव शैटी नाग, देवी डाहर की अंबिका, देव विष्णू मतलोड़ा, देव मगरू महादेव, देव चपलांदू नाग, श्रीदेव बायला नारायण, देव बिटठु नारायण, देव लक्ष्मी नारायण पखरोल, चौहारघाटी के देव हुरंग नारायण, देव घड़ौनी नारायण, देव पशाकोट नारायण, देव पेखरू का गहरी, देव चुंजवाला शिव, देव तुंगासी ब्रम्हा, देवी सरस्वती महामाया, देवी नाऊ अंबिका के बाद राज माधव की चांदी की कुर्सी और उसके पीछे राजदेवता की पालकी चल रही थी जबकि राजदेवता माधोराय की पालकी के पीछे देव शुकदेव डगाहंढु, देव शुकदेव मड़घयाल, देव जलौणी गणपति, देव शेषनाग टेपर, देव झाथीवीर और देव टूंडीवीर शामिल रहे।

जलेब में धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर,पमर्व मंत्री रंगीला राम राव, पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, पूर्व सी.पी.एस. सोहन लाल ठाकुर,जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर व उपायुक्त अपूर्व देवगन व एस.पी. विनोद कुमार आदि उपस्थित रहे।