हरिद्वार, 20 फ़रवरी । हरिद्वार की अपर जिला जज एवं फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश चंद्रमणि राय ने 11 वर्षीय बालक के साथ दुष्कर्म के प्रयास के मामले में आरोपित युवक को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की कठोर कारावास और 36 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने पीड़ित की मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना को देखते हुए एक लाख रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान करने और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उचित प्रतिकर दिलाने के निर्देश भी दिए हैं।
शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र चौहान ने बताया कि 14 अप्रैल 2021 की सुबह साढ़े पांच बजे नील धारा के पास 11 वर्षीय बालक के साथ कुकर्म करने की घटना को अंजाम दिया गया था। पीड़ित बालक ने आरोपित युवक के चंगुल से बचकर अपने परिजनों की सारी आपबीती बताई थी।
पीड़ित के अनुसार जब वह भीमगोड़ा स्थित एकता भवन के पास बैठा हुआ था। तभी आरोपी युवक आया और पीड़ित बालक को अपने साथ बहला फुसलाकर नील धारा जंगल की तरफ ले गया था। जहां युवक ने इसपीड़ित बालक के साथ कुकर्म, विरोध करने पर मारपीट व किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। नगर पुलिस ने संबधित धाराओं में केस दर्ज कर सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से आरोपी युवक की पहचान कर पंतदीप पार्किंग से पकड़ा था। पुलिस ने आरोपी राजू यादव पुत्र रामू यादव निवासी ग्राम मसूरी, थाना मुतिहा जिला बहराइच यूपी का चालान कर जेल भेजा था। अभियोजन पक्ष ने गवाही में नौ गवाह पेश किए।
विचारण कोर्ट ने पीड़ित बालक की मानसिक, शारीरिक प्रताड़ना की क्षतिपूर्ति के लिए एक लाख रुपये व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उचित प्रतिकर राशि दिलाने के निर्देश भी दिए हैं।