विभागीय योजनाएं, निर्माण कार्यों एवं शैक्षणिक व्यवस्था समय-सीमा में हो: संभागायुक्त संजीव सिंह

भोपाल, 06 मार्च । संभागायुक्त संजीव सिंह ने शुक्रवार को हुई विभागीय योजनाओं, निर्माण कार्य एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तन, एफआरए के पट्टाधारियों को शासन की योजनाओं से लाभांवित करना, अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों, आश्रमों में निर्माण एवं मरम्मत कार्य, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास, धरती आवा ग्राम उत्कर्ष योजना के साथ-साथ हितग्राहीमूलक योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर बजट एवं लक्ष्य की पूर्ति समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में विभागवार कार्यों की समीक्षा की गई। संभागायुक्त सिंह ने जिला स्तरीय वन अधिकार समिति में निराकृत एवं लंबित प्रकरणों, दावा आपत्तियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए ड्राप आउट विद्यार्थियों की जानकारी एवं कमी की पूर्ति करने के लिए आगामी एक वर्ष की रणनीति बनाकर कार्य करने के लिए विद्यार्थियों का ड्राप आउट रोकने के लिए ऑनलाइन टीसी जारी करने, कक्षा 5वीं एवं कक्षा 8वीं में अध्ययरन छात्रों का शत-प्रतिशत कक्षा 6वीं एवं नवीन कक्षा में प्रवेश सुनिश्चित करने के नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रथम कक्षा में प्रवेश की विशेष कार्य योजना बनाकर नामांकन में वृद्धि करने के लिए घर – घर सर्वे अभियान, प्रवेश उत्सव का आयोजन, जनजागरूक गतिविधियां, शासकीय योजनाओं का प्रचार – प्रसार एवं गत वर्ष की विद्यालय की उपलब्धियां बताकर कार्य करना सुनिश्चित करें।

संभागायुक्त सिंह ने विकासखंड स्तर पर 01 अप्रैल तक सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों को पुस्तक वितरण कर पोर्टल पर इंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 03 से 06 वर्ष आयु के सभी बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए ग्राम एवं विद्यालय स्तर पर महिला बाल विकास के समन्वय से बच्चों की पहचान कर ग्राम सभा / पालक संघ बैठक एवं आंगनबाड़ी / शाला में प्रवेश कराना सुनिश्चित किया जाए। सभी स्कूलों में जनभागीदारी के माध्यम से स्मार्ट क्लासेस प्रारंभ करने कराने के निर्देश दिए।

संभागायुक्त संजीव सिंह ने कहा कि संकल्प से समाधान का डाटा सभी अधिकारी बनाये,जिसके अंतर्गत जाति प्रमाण – पत्र, आधार कार्ड आदि का कार्य आटो मेशन से करें। उन्होंने कहा कि सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी का मुख्य कार्य यह होना चाहिए कि वे फील्ड में जाकर पंचायत स्तर और अपने – अपने विभाग की योजनाओं के कौन – कौन से हितग्राही है, उन्हें चिन्हांकित करें और उनसे फीडबैक प्राप्त करे। कोई कमियां हो तो उसे तुरंत दूर किया जाना चाहिए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जिला पंचायत निर्माण भवनों को समय – सीमा पूर्ण करें। उन्होंने ने निर्देश दिए कि गोशालाओं में पानी एवं लाईट की व्यवस्था दूर होनी चाहिए। उन्होंने ने सभी अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।

संभागायुक्त सिंह ने सभी अधिकारियों से स्कूलों में निर्माण कार्य, स्मार्ट क्लासेस की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने सीहोर जिले में स्मार्ट क्लासेस पर किये गए कार्यों का मानक रूप लेते हुए अन्य जिलों को निर्देश दिये कि उसी के अनुरूप के कार्य करें। संभागायुक्ते श्री सिंह ने स्मार्ट क्लास के संबंध में कहा कि संबंधित शिक्षक को टीवी की मॉनीटरिंग एवं उस पर दी जाने वाली शिक्षा का पूरा ज्ञान होना चाहिए। संभागायुक्त यह बताया गया कि मुस्कान फाउंडेशन द्वारा स्मार्ट क्लासेस की टीवी की मॉनीटरिंग की जाती है। श्री सिंह ने अधिकारियों से पूछा कि स्मार्ट क्लास में बच्चों को कैसे पढ़ाया जाता है। इस पर बताया गया कि वीडियो के माध्यम से प्रत्येक माह की रिकार्डिंग पर अगले माह बच्चों की कमियों को बताकर सुधार करवाया जाता है।

सिंह ने कहा कि चैप्टर वाइज वीडियों दिखाकर बच्चों को पढ़ाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि टीचर का प्रशिक्षण भी करवाना अनिवार्य किया जाए। उन्होंने बताया कि बच्चों का ऑनलाइन मोबाइल एवं पेन ड्राइव के माध्यम बच्चों का एडवांस शिक्षा दी जानी चाहिए। उन्हौइने निर्देश दिया कि 31 मार्च तक सभी कार्य पूर्ण होना चाहिए। अगली समीक्षा अप्रैल माह की जाएगी।