मंदसौर, 19 मार्च । मध्य प्रदेश के मंदसौर में गुरुवार को विक्रम संवत् 2083 के शुभारंभ के अवसर पर मंदसौर स्थित पशुपतिनाथ मंदिर परिसर (आराधना हॉल) में प्रात: 10:00 बजे भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सूर्य उपासना कर विधिवत ब्रह्मध्वज की स्थापना की।
उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान पशुपतिनाथ की आरती में भाग लिया, स्वयं आरती कर पूजा अर्चना की। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, संत महेशमणि चैतन्य महाराज सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर अदिती गर्ग, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना, अपर कलेक्टर एकता जायसवाल एवं एसडीएम शिवलाल शाक्य सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरूआत सूर्य उपासना से हुई, जिसके पश्चात ब्रह्मध्वज स्थापित किया गया। यह आयोजन भारतीय नववर्ष वर्ष प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग एवं मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के सहयोग से ह्लसम्राट विक्रमादित्यह्व विषय पर भव्य नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया गया, जिसे उज्जैन की परिष्कृती सामाजिक सांस्कृतिक संस्था द्वारा प्रस्तुत किया गया। नाट्य प्रस्तुति में विक्रमादित्य के जीवन, बेताल पच्चीसी, 32 पुतली सिंहासन, शकों पर विजय, नवरत्न, उनकी वीरता एवं न्यायप्रियता का प्रभावशाली मंचन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान भारत का नववर्ष विक्रम संवत विषयक पुस्तिका का वितरण भी किया गया, जिससे आमजन भारतीय परंपराओं एवं नववर्ष के ऐतिहासिक महत्व को समझ सकें।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने अपने संबोधन में वर्ष प्रतिपदा की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से आमजन को भारतीय संस्कृति एवं इतिहास की समृद्ध विरासत से परिचित होने का अवसर मिलता है। उन्होंने सभी के लिए नववर्ष को मंगलमय, सुखद एवं प्रदेश व देश के लिए कल्याणकारी होने की कामना की। कार्यक्रम का संचालन डॉ जेके जैन एवं आभार डिप्टी कलेक्टर रोहित राणा द्वारा माना गया।