बलरामपुर : देवीगंज में जिले के पहले सुरभि गौधाम का शुभारंभ

बलरामपुर, 14 मार्च । निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गौधाम योजना की शुरुआत करते हुए विभिन्न जिलों में गौधामों का वर्चुअल लोकार्पण किया। इसी क्रम में बलरामपुर जिले के देवीगंज में प्रथम सुरभि गौधाम का शुभारंभ किया गया।

निराश्रित एवं घुमंतू गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और समुचित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा गौधाम योजना की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रेक्षागार से गौधाम योजना का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थापित गौधामों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण भी किया गया।

इसी क्रम में जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर के सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिले के प्रथम सुरभि गौधाम श्याम-श्यामा गौशाला, देवीगंज का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, गौसेवा आयोग के जिला अध्यक्ष आषीष केषरी, जिला पंचायत सदस्य बद्री यादव, जनपद उपाध्यक्ष सुनील तिवारी और भानूप्रकाश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि गौधाम योजना राज्य के विकास में महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। इसके तहत 29 गौधामों का शुभारंभ किया जा रहा है, जहां गौवंश का संरक्षण और संवर्धन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और गौसेवा करना हमारा कर्तव्य और धर्म है। गौधाम योजना के तहत प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित किए जाएंगे, जहां कृषकों और पशुपालकों को प्रशिक्षण देकर पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह दिन राज्य के लिए ऐतिहासिक है। सरकार निराश्रित और घुमंतू पशुओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और गौधामों के माध्यम से सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को सुरक्षित स्थान मिलेगा।

जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज ने कहा कि गौधाम योजना ग्रामीण क्षेत्रों में गौवंश संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे निराश्रित पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय, उचित देखभाल और चारे-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित होगी।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव ने कहा कि इस योजना से गांवों और शहरों में खुले में घूमने वाले गौवंश को सुरक्षित स्थान मिलेगा, जिससे सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना गौवंश संरक्षण के साथ ग्रामीण विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी।