नई दिल्ली, 07 मार्च । केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत ने अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अमेरिका के साथ सबसे बेहतर व्यापारिक समझौता हासिल किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देश एक “बेहद शक्तिशाली” संबंध साझा करते हैं।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने यहां रायसीना संवाद 2026 को संबोधित करते हुए यह बात कही। गोयल ने कहा कि अमेरिका 30 लाख करोड़ डॉलर की विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, इसे कोई भी नजरअंदाज नहीं कर सकता। व्यापार समझौते की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि यह अनिवार्य रूप से अपने प्रतिस्पर्धियों पर वरीयता प्राप्त करने के बारे में है।
गोयल ने रायसीना संवाद 2026 में अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘यह एक शानदार सफर रहा है। हमारे संबंध बेहतरीन हैं। आपने पिछले एक साल में देखा होगा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमेशा भारत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में अच्छी बातें कही हैं। वहां हमारे समकक्षों के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘एक परिवार के भीतर भी कभी-कभार कुछ गलतफहमियां हो सकती हैं। यह स्वाभाविक है। मुझे लगता है कि अमेरिका और भारत एक बहुत ही शक्तिशाली रिश्ता साझा करते हैं। प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में हमें सबसे अच्छा समझौता मिला है।’
गोयल ने एक्स पोस्ट पर जारी एक बयान में लिखा रायसीना संवाद 2026 में समीर सरन के साथ एक दिलचस्प फायरसाइड चैट में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अहम नेतृत्व में भारत की विकास की कहानी में दुनियाभर के बढ़ते भरोसे पर जोर दिया और बताया कि भारत द्वारा किए गए मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) कैसे व्यापारिक संबंध को मजबूत करने, निवेश लाने और हमारे युवाओं के लिए नौकरी के मौके बनाने के एक बड़े नज़रिए को दिखाते हैं।
वाणिज्य मंत्री ने साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश इसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि दुनिया को कौशल और प्रशिक्षण प्राप्त लोगों की जरूरत है, जो हमारे देश में बहुत ज्यादा हैं। इसलिए हितधारकों के लिए वैश्विक बाजार पर कब्जा करने और विकसित भारत 2047 के विजन को आगे बढ़ाने के लिए व्यापार समझौता का फ़ायदा उठाने के लिए बढ़ावा दिया।
मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका रणनीतिक साझेदार हैं और दोनों दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। उन्होंने कहा, ‘दोनों देशों पर बड़ी जिम्मेदारी है। द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण में अमेरिका ने भारत पर पारस्परिक शुल्क घटाकर 18 फीसदी करने की घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसे रद्द किए जाने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10 फीसदी शुल्क लगाया, जिसको अब 15 फीसदी कर दिया है। इसके चलते समझौते के कानूनी पाठ को अंतिम रूप देने वाली मुख्य वार्ताकारों की बैठक फिलहाल टल गई है।