200 रुपये और दोबारा ऐसा करने पर 500 रुपये का चालान किया जाएगा।
नगर निगम आयुक्त नीरज शुक्रवार को नगर निगम के
मुख्य सभागार में डोर-टू-डोर के कार्यों बारे बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि लगभग
तीन महीने पहले शहर के सभी वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का कार्य शुरू किया
गया था। तब से एचएसआई की टीम द्वारा शहर के प्रत्येक घर में कम से कम तीन बार जाकर
लोगों को कचरे के सही तरीके से सेग्रीगेशन यानी गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने
के बारे में जागरूक किया गया है। उन्होंने बताया कि कई घरों में लोग कचरे को अलग-अलग
डस्टबिन में एकत्रित कर नगर निगम के वाहनों में भी अलग-अलग डाल रहे हैं, जो सराहनीय
पहल है।
निगमायुक्त के अनुसार कुछ घरों में अभी भी कचरे
का सेग्रीगेशन नहीं किया जा रहा है और कई घर ऐसे भी हैं जो कचरा देने से बच रहे हैं।
ऐसे घरों पर सख्ती बरती जाएगी। ऐसे में यदि कोई घर कचरे का सेग्रीगेशन नहीं करता पाया
जाता है तो पहली बार 200 रुपये और दोबारा ऐसा करने पर 500 रुपये का चालान किया जाएगा।
निगमायुक्त ने बैठक में स्पष्ट कहा कि यदि कोई
व्यक्ति कचरा सड़क पर फेंकता पाया जाता है तो उसका 5000 रुपये का चालान किया जाएगा।
चालान की राशि जमा न करने की स्थिति में इसे संबंधित घर के प्रॉपर्टी टैक्स में जोड़
दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि खुले में पशुओं को गीला कचरा डालने वालों
के भी चालान किए जाएंगे।
निगमायुक्त ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का कार्य
कर रही वी. वायस और करिणी कॉरपेशन एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों
की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट में यह भी बताया जाए कि कितने घरों से नियमित
रूप से कचरा एकत्रित हो रहा है और कितने घर अभी इस व्यवस्था से नहीं जुड़े हैं। इसके
साथ ही कचरा सेग्रीगेशन की स्थिति से संबंधित रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश
दिए गए। उन्होंने कहा कि एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट का सत्यापन एएसआई
द्वारा किया जाएगा। इसके बाद सीएसआई और एएसआई की टीम नियम अनुसार चालान किए जाएंगे,
ताकि शहर में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
निगम आयुक्त नीरज की अध्यक्षता में हुई बैठक
में अनेक अधिकारी व संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें मुख्य रूप से अतिरिक्त निगमायुक्त
डॉ. प्रदीप हुड्डा, सीएसआई राजकुमार, वेस्ट वेडनेसडे फाउंडेशन एनजीओ से डॉ. रूबी मखीजा,
एएसआई सहित वी वायस व करणी कॉर्पोरेशन एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।