आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान है सरहुल : विधायक

खूंटी, 07 मार्च । खूंटी जिले के तोरपा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जोजोदाग गांव में शनिवार को सरहुल मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय विधायक सुदीप गुड़िया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति उनकी गहरी आस्था को नमन करते हुए सभी लोगों को सरहुल पर्व की शुभकामनाएं दीं।

समारोह के दौरान विधायक सुदीप गुड़िया ने गांव के बुजुर्गों, मातृशक्ति और युवा साथियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि सरहुल पर्व आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है और यह पर्व जल, जंगल और जमीन के साथ उनके गहरे संबंध को दर्शाता है।

विधायक ने कहा कि सरहुल पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। यह पर्व समाज में आपसी भाईचारा, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक त्योहार हमारी संस्कृति को जीवित रखने के साथ-साथ समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर आदिवासी नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर गया।

विधायक सुदीप गुड़िया ने इस अवसर पर आदिवासी आस्था के प्रतीक मारांग बुरु और जाहेर आयो से क्षेत्रवासियों की सुख-शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित थे।

विधायक सुदीप गुड़िया आज कर्रा प्रखंड की बकसपुर पंचायत में आयोजित हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान हनुमान से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और लोगों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

विधायक ने कहा कि मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं होता, बल्कि यह समाज में एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का भी माध्यम है।———-